बिहार में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब नए मंत्रियों की संपत्ति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। चुनावी हलफनामों और सार्वजनिक आंकड़ों के आधार पर सामने आई जानकारी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। नई कैबिनेट में शामिल अधिकांश मंत्री करोड़पति हैं और कई नेताओं की संपत्ति मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी ज्यादा बताई जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक बिहार सरकार के 35 मंत्रियों में से 32 मंत्री करोड़पति हैं, जबकि केवल तीन मंत्री ऐसे हैं जिनकी संपत्ति एक करोड़ रुपये से कम है। अगर पूरे मंत्रिमंडल की संपत्ति को जोड़ा जाए तो यह आंकड़ा करीब 220 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। यही वजह है कि बिहार की नई कैबिनेट को अब “करोड़पति मंत्रियों की टीम” कहा जाने लगा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार की राजनीति में अब आर्थिक रूप से मजबूत नेताओं का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से ज्यादा अमीर निकले कई मंत्री
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने चुनावी हलफनामे में करीब 6.38 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी। लेकिन कैबिनेट में कई मंत्री ऐसे हैं जिनकी संपत्ति उनसे कहीं ज्यादा बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 10 मंत्री ऐसे हैं जो संपत्ति के मामले में मुख्यमंत्री से आगे हैं। हालांकि बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री संपत्ति के मामले में मुख्यमंत्री से पीछे बताए जा रहे हैं। डिप्टी सीएम विजय चौधरी के पास करीब 3.13 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जबकि दूसरे डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव ने लगभग 3.46 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। इसके बावजूद कैबिनेट में कई ऐसे चेहरे मौजूद हैं जिनकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनावी राजनीति में बढ़ते खर्च और प्रभावशाली छवि के कारण अब संपन्न नेताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि बिहार की नई कैबिनेट में करोड़पति मंत्रियों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
रमा निषाद बनीं सबसे अमीर मंत्री
नई कैबिनेट में बीजेपी कोटे से मंत्री बनीं रमा निषाद सबसे अमीर मंत्री के रूप में सामने आई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उनकी कुल संपत्ति करीब 31.85 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं दूसरे स्थान पर डॉ. श्वेता गुप्ता हैं, जिनकी संपत्ति लगभग 29.24 करोड़ रुपये है। जदयू नेता और मंत्री अशोक चौधरी करीब 22.39 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे नंबर पर हैं। इसके अलावा कई अन्य मंत्री भी करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। श्रेयसी सिंह के पास करीब 7.62 करोड़ रुपये, शीला मंडल के पास 9.50 करोड़ रुपये और डॉ. दिलीप जायसवाल के पास लगभग 9.33 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई गई है। वहीं शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल भी 9 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति के साथ सूची में शामिल हैं। खास बात यह है कि महिला मंत्रियों की औसत संपत्ति पुरुष मंत्रियों की तुलना में अधिक बताई जा रही है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि बिहार की राजनीति में महिला नेताओं की आर्थिक और राजनीतिक ताकत लगातार बढ़ रही है।
सबसे कम संपत्ति वाले मंत्री भी चर्चा में
जहां एक तरफ करोड़पति मंत्रियों की लंबी सूची चर्चा में है, वहीं कुछ ऐसे मंत्री भी हैं जिनकी संपत्ति काफी कम बताई गई है। एलजेपी (आर) कोटे से मंत्री बने संजय कुमार को सबसे कम संपत्ति वाला मंत्री माना जा रहा है। उनके पास कुल करीब 23 लाख रुपये की संपत्ति बताई गई है। इसके अलावा संजय सिंह टाइगर की कुल संपत्ति भी एक करोड़ रुपये से कम आंकी गई है। दूसरी ओर विजय कुमार सिन्हा, कुमार शैलेन्द्र, भगवान सिंह कुशवाहा और सुनील कुमार जैसे कई नेताओं की संपत्ति भी करोड़ों में दर्ज की गई है। राजनीतिक हलकों में अब यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या आने वाले समय में नेताओं की आर्थिक स्थिति चुनावी राजनीति में और बड़ा मुद्दा बनेगी। फिलहाल बिहार की नई कैबिनेट में करोड़पति मंत्रियों की संख्या ने आम लोगों का ध्यान जरूर खींच लिया है। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठाने की तैयारी में दिखाई दे रहा है।
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