पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार को आयोजित हुए भव्य शपथ ग्रहण समारोह ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और लगभग 20 राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। मंच पर भारी भीड़ और राजनीतिक दिग्गजों की मौजूदगी ने इस समारोह को बेहद खास बना दिया। इसी बीच पूरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती का अलग और अनोखा अंदाज।
मिथुन चक्रवर्ती का स्टाइल बना आकर्षण का केंद्र
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मिथुन चक्रवर्ती आंखों में चश्मा और सिर पर फिदेल कास्त्रो जैसी टॉपी पहनकर मंच पर नजर आए। उनका यह अंदाज देखते ही देखते लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। मंच पर उनकी मौजूदगी के साथ ही कैमरों की नजर बार-बार उन्हीं पर टिक रही थी। उनके पास पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी खड़ी थीं और कुछ दूरी पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और रामदास अठावले भी मौजूद थे। मिथुन का यह अलग स्टाइल राजनीतिक कार्यक्रम में एक हल्के और आकर्षक माहौल का हिस्सा बन गया, जिसे लोगों ने सोशल मीडिया पर भी खूब शेयर किया।
मंच पर दिखी नेताओं की बड़ी मौजूदगी
इस शपथ ग्रहण समारोह में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। शिवराज सिंह चौहान, पुष्कर सिंह धामी, और कई अन्य केंद्रीय मंत्री मंच पर एक साथ दिखाई दिए। कार्यक्रम के दौरान सभी नेताओं ने शुभेंदु अधिकारी को नए मुख्यमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दीं। मंच पर नेताओं की यह उपस्थिति इस बात का संकेत थी कि पार्टी इस नई सरकार को लेकर कितनी गंभीर और रणनीतिक है।
नए मंत्रिमंडल में सामाजिक संतुलन पर जोर
शुभेंदु अधिकारी के साथ ही नए मंत्रिमंडल के पांच मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, खुदीराम टुडू, अशोक कीर्तनिया और निशीथ प्रमाणिक शामिल हैं। इस शुरुआती कैबिनेट में विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश साफ नजर आई। इसमें एक महिला मंत्री, आदिवासी समुदाय से प्रतिनिधि, ओबीसी वर्ग और अन्य समुदायों को शामिल किया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम समाज के हर वर्ग को साथ जोड़ने और संतुलित शासन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में उठाया गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नई सरकार अपने इन वादों को जमीन पर कैसे उतारती है।








