गवाह क्यों नहीं आ रहे? लखीमपुर खीरी हिंसा केस में ऐसा क्या हुआ कि सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी 

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुनवाई के दौरान Supreme Court of India ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने गवाहों की पेशी में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि जो स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई है, उसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि गवाह अदालत में क्यों नहीं पेश हो रहे हैं। इस पर कोर्ट ने चार हफ्तों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। साथ ही निचली अदालत को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि गवाहों की उपस्थिति समय पर हो और केस की सुनवाई में देरी न हो।

“दो महीने से नहीं हुई गवाहों की जांच”

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि पिछले लगभग दो महीनों से किसी भी गवाह से ठीक से पूछताछ नहीं की गई है, जो चिंता की बात है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की देरी से न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है। न्यायाधीशों की पीठ ने निर्देश दिया कि ट्रायल कोर्ट गवाहों को बुलाने के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाए और मामले को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की कोशिश करे। अदालत ने यह भी साफ किया कि गवाह सुरक्षा योजना का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि कोई भी गवाह डर के कारण पीछे न हटे।

गवाहों को धमकाने के आरोप से बढ़ी चिंता

मामले में वरिष्ठ वकील Prashant Bhushan ने अदालत में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कई गवाहों को धमकाया जा रहा है, जिसकी वजह से वे अदालत में पेश नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में गवाहों को जानबूझकर छोड़ा जा रहा है, जो पूरे केस को प्रभावित कर सकता है। इस पर कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि अगर ऐसा हो रहा है तो इसे तुरंत रोका जाना चाहिए और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

क्या है पूरा मामला और अब आगे क्या होगा?

यह मामला साल 2021 का है, जब लखीमपुर खीरी के तिकुनिया इलाके में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस घटना में कुल आठ लोगों की मौत हुई थी, जिनमें चार किसान भी शामिल थे। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान एक वाहन ने किसानों को कुचल दिया, जिसके बाद हालात बिगड़ गए। इस केस में Ashish Mishra समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। फिलहाल इस मामले के दो ट्रायल चल रहे हैं और तीसरे में जांच जारी है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देशों के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ेगी और गवाहों की पेशी भी जल्द सुनिश्चित की जाएगी।

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