उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बेहतर भविष्य का सपना लेकर सऊदी अरब गए 23 वर्षीय आकाश सरोज की वहां हत्या कर दी गई। इस खबर के गांव पहुंचते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया। आकाश इसी साल जनवरी महीने में रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गया था। वह वहां अल-अहसा नखलिस्तान क्षेत्र के अबू-स्लासा इलाके में बकरी चराने का काम करता था। बताया जा रहा है कि आकाश बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था और घर की आर्थिक तंगी दूर करने के लिए विदेश कमाने गया था। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ महीनों बाद उसकी मौत की खबर घर लौटेगी। गांव में जैसे ही यह सूचना पहुंची, परिवार के लोग बदहवास हो गए। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता गहरे सदमे में हैं। पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
बांग्लादेशी युवक से विवाद के बाद हुई हत्या
जानकारी के मुताबिक आकाश जिस कमरे में रहता था, वहां उसके साथ एक बांग्लादेशी युवक भी रहता था। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि बांग्लादेशी युवक ने आकाश पर ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सऊदी पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आकाश के भाई के अनुसार परिवार को 9 मई की दोपहर इस घटना की जानकारी मिली। पहले तो किसी को भरोसा ही नहीं हुआ, लेकिन बाद में फोन पर मिली पुष्टि के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आकाश प्रयागराज के बहरिया थाना क्षेत्र के सिकंदरा कस्बे के दलीपुर गांव का रहने वाला था। गांव के लोगों का कहना है कि वह बेहद शांत स्वभाव का लड़का था और परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए विदेश गया था।
मजदूरी कर परिवार चलाते हैं पिता, अब शव लाने की चिंता
मृतक आकाश सरोज चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। उसने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की थी और आगे परिवार की मदद करने के लिए नौकरी की तलाश में सऊदी चला गया था। उसके पिता गुलाब सरोज मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार की आर्थिक हालत पहले से ही कमजोर थी और अब बेटे की मौत ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है। परिजन अब आकाश का शव भारत लाने की कोशिश में जुटे हैं। इसके लिए भारतीय दूतावास से संपर्क किया जा रहा है। परिवार के लोगों का कहना है कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वे खुद सारी प्रक्रिया पूरी कर सकें। गांव के लोग और रिश्तेदार भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। आकाश की मां बार-बार यही कह रही हैं कि उनका बेटा घर लौट आए, चाहे जिस हालत में हो। परिवार की हालत देखकर गांव के लोग भी भावुक हो उठे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मदद की मांग की है ताकि जल्द से जल्द शव भारत लाया जा सके।
पीएम मोदी और सीएम योगी से लगाई मदद की गुहार
आकाश के परिवार ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की है। परिजनों का कहना है कि सरकार उनकी सहायता करे ताकि बेटे का शव सम्मान के साथ घर लाया जा सके। गांव के लोगों ने भी प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग की है। घटना के बाद इलाके में गहरा दुख और गुस्सा दोनों देखने को मिल रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि विदेशों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर और सख्त व्यवस्था क्यों नहीं की जाती। हर साल रोजगार की तलाश में हजारों युवक विदेश जाते हैं, लेकिन कई बार ऐसी दुखद घटनाएं परिवारों को जिंदगीभर का दर्द दे जाती हैं। फिलहाल परिवार को इंतजार है कि जल्द सरकारी मदद मिले और आकाश का शव भारत लाया जा सके। प्रयागराज में इस घटना ने हर किसी को भावुक कर दिया है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
Read more-‘उम्रकैद’ के मुजरिम पर दिल हार बैठी महिला जेलर: मजहब की दीवार ढहाई, फिर सलाखों के बाहर रचाई शादी!







