कांशीराम के बाद अब अंबेडकर जयंती पर सपा का बड़ा दांव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तगड़ा शिकंजा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने शुक्रवार (3 अप्रैल) को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब समय केवल जश्न मनाने का नहीं है, बल्कि संविधान और आम जनता के अधिकारों को बचाने का है। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि आगामी बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जयंती पर सपा देशव्यापी अभियान चलाएगी, जिसमें गांव-गांव और सेक्टर स्तर पर लोगों के साथ संविधान की सुरक्षा और समाज के सामने संकटों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य समय नहीं है, बल्कि “सनातनियों का संकट काल” है, जहां संत मारे जा रहे हैं और उन्हें अपमानित किया जा रहा है।

केंद्र सरकार पर जमकर हमला, कानून व्यवस्था पर चिंता

अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जो कोई भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे दबाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा, “बीजेपी के लोग संविधान के पालन में विश्वास नहीं रखते, ये मन विधान के आधार पर चलते हैं। कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है, स्वास्थ्य विभाग बेहाल है और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो गई है। लोग जैसे जिंदा हैं, उन्हें मुर्दाघर की तरह जीने पर मजबूर किया जा रहा है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि 2027 के चुनाव तक सपा और सहयोगी पार्टियां (PDA) मिलकर भाजपा को हराकर उत्तर प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले आएंगी।

भाजपा पर महंगाई और भ्रष्टाचार का आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सौदागर की तरह काम कर रही है और हर चीज को केवल मुनाफे के लिए बेच रही है। उन्होंने बताया कि महंगाई और आर्थिक अस्थिरता इस भ्रष्टाचार का नतीजा है, और आम जनता को इसका भारी भुगतान करना पड़ रहा है। सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं के विदेश दौरे, जैसे कि हाल ही में जापान भ्रमण, केवल दिखावा हैं और वहां से कोई ठोस शिक्षा या योजना राज्य के विकास के लिए लागू नहीं हुई। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस सरकार के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों और लोकतंत्र की रक्षा में अपना योगदान दें।

आगामी रणनीति और सपा का संदेश

अखिलेश यादव ने साफ किया कि सपा के कार्यकर्ता अब केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि गांव-गांव जाकर लोगों को संविधान और मौजूदा संकटों के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी अंबेडकर जयंती इस दिशा में पहला बड़ा कदम होगी, जिसमें लोग मिलकर लोकतंत्र, कानून और समाज की सुरक्षा पर चर्चा करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आम जनता और सामाजिक संतों के अधिकारों का सम्मान नहीं किया, तो सपा पूरी ताकत से विरोध करेगी। अखिलेश ने यह भी जोड़ा कि यह आंदोलन केवल पार्टी के लिए नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश के संविधान की रक्षा के लिए है।

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