पंजाब के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता Bhagwant Mann ने बिहार की राजधानी पटना पहुंचते ही चुनाव आयोग की ओर से प्रस्तावित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब में किसी भी कीमत पर ऐसा अभियान नहीं चलने दिया जाएगा, जिससे सही मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएं। सोमवार को अपने परिवार के साथ पटना पहुंचे भगवंत मान ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उनका कहना था कि लोकतंत्र में वोट सबसे बड़ा अधिकार है और यदि किसी भी प्रक्रिया के जरिए असली वोटरों को बाहर करने की कोशिश होगी तो आम आदमी पार्टी उसका विरोध करेगी। चुनाव आयोग ने हाल ही में तीसरे चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR लागू करने की बात कही है, जिसमें पंजाब भी शामिल है। इसी फैसले को लेकर भगवंत मान ने कड़ा रुख अपनाया है।
‘पहले देश का स्टॉक बताएं, फिर जनता को सलाह दें’ — PM मोदी पर हमला
पटना एयरपोर्ट पर बातचीत के दौरान भगवंत मान ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपीलों और विदेश यात्राओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सबसे पहले देश की आर्थिक और जरूरी संसाधनों की स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए। मान ने कहा कि लोगों से विदेश यात्रा कम करने और सावधानी बरतने की अपील की जा रही है, लेकिन खुद प्रधानमंत्री लगातार विदेश दौरों पर जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि देश के पास सोने का कितना भंडार है, पेट्रोल-डीजल का स्टॉक कितना है और एलपीजी की उपलब्धता क्या स्थिति में है, इसकी जानकारी भी सरकार को जनता को देनी चाहिए। भगवंत मान ने यह भी कहा कि आम लोगों को महंगाई और बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि केंद्र सरकार केवल भाषणों और अपीलों तक सीमित दिखाई दे रही है।
बीजेपी पर लगाया विधायकों और सांसदों को तोड़ने का आरोप
आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के बीजेपी में शामिल होने की चर्चाओं पर भी भगवंत मान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पार्टी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात की है और अपनी चिंता जाहिर की है। मान ने आरोप लगाया कि बीजेपी लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का काम कर रही है और दूसरी पार्टियों के नेताओं को तोड़ने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनी हुई सरकारों और दलों को अस्थिर करना लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। भगवंत मान ने कहा कि जनता ने जिन नेताओं को चुनकर भेजा है, उन्हें खरीद-फरोख्त की राजनीति से बचाना जरूरी है। उनका कहना था कि देश के विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर काम करने के बजाय राजनीतिक दलों को तोड़ने की कोशिशें हो रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंता की बात है।
महंगाई, पेट्रोल-डीजल और ‘वर्क फ्रॉम होम’ बयान पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार ने कीमतों को नियंत्रित रखा, लेकिन चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल और डीजल के दाम फिर बढ़ने लगे। मान ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘वर्क फ्रॉम होम’ संबंधी बयान पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह लंबे लॉकडाउन जैसी स्थिति का संकेत देता है। उनके मुताबिक देश के आम लोग पहले ही आर्थिक दबाव झेल रहे हैं और ऐसे समय में सरकार को राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए। पटना दौरे के दौरान भगवंत मान पटना सिटी स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे में मत्था टेकने भी पहुंचे। हालांकि राजनीतिक बयानबाजी ने उनके इस दौरे को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में SIR को लेकर पंजाब और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।
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