भारत की पहली बुलेट ट्रेन को लेकर लोगों का इंतजार अब और बढ़ गया है। देश के इस सबसे बड़े हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट की पहली झलक अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है। रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 पर बुलेट ट्रेन की तस्वीर प्रदर्शित की गई है, जिसकी जानकारी भारतीय रेलवे ने साझा की। तस्वीर सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर भारत की पहली बुलेट ट्रेन कैसी दिखेगी और इसमें क्या खास सुविधाएं होंगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल मानी जाती है। इससे पहले प्रधानमंत्री खुद मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का दौरा कर चुके हैं और निर्माण कार्य की समीक्षा भी कर चुके हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट भारत के रेलवे नेटवर्क को नई तकनीक और हाई स्पीड यात्रा की दिशा में ले जाएगा।
2027 में शुरू होगा संचालन, 2 घंटे में पूरा होगा सफर
भारत की पहली बुलेट ट्रेन का संचालन 15 अगस्त 2027 से शुरू करने की तैयारी है। यह हाई स्पीड ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच करीब 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर दौड़ेगी। इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 320 से 350 किलोमीटर प्रति घंटा तक रखी गई है। इतनी तेज गति के कारण दोनों शहरों के बीच का सफर काफी छोटा हो जाएगा। अभी जहां इस दूरी को तय करने में कई घंटे लगते हैं, वहीं बुलेट ट्रेन से यह यात्रा लगभग 2 घंटे में पूरी हो सकेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जिम्मेदारी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी NHSRCL के पास है। रेलवे मंत्रालय का मानना है कि यह परियोजना भारत के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
महाराष्ट्र और गुजरात के कई शहर होंगे कनेक्ट
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर महाराष्ट्र और गुजरात के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाला है। इस परियोजना के तहत करीब 12 बड़े स्टेशन बनाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र में मुंबई, ठाणे, विरार और बोइसर स्टेशन शामिल होंगे। वहीं गुजरात में वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती स्टेशन बनाए जा रहे हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। शुरुआत में ट्रेन गुजरात के सूरत और बिलीमोरा के बीच करीब 100 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर चलाई जाएगी। इसके बाद इसे धीरे-धीरे वापी और अहमदाबाद तक बढ़ाया जाएगा। अंतिम चरण में मुंबई से अहमदाबाद तक पूरा 508 किलोमीटर का कॉरिडोर शुरू होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि 2028 तक पूरा रूट पूरी तरह चालू हो जाएगा। इस हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट के लिए बड़े स्तर पर पुल, सुरंग और आधुनिक ट्रैक तैयार किए जा रहे हैं।
जापानी तकनीक के साथ स्वदेशी बुलेट ट्रेन पर भी काम
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना में जापान की मशहूर शिंकनसेन E5 तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह तकनीक दुनिया की सबसे सुरक्षित और तेज हाई स्पीड रेल प्रणालियों में गिनी जाती है। इसके साथ ही भारत अपनी स्वदेशी बुलेट ट्रेन विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रहा है। जानकारी के मुताबिक, ‘बी28’ नाम की स्वदेशी हाई स्पीड ट्रेन तैयार की जा रही है। इसे चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री और बेंगलुरु स्थित बीईएमएल के आदित्य कॉम्पलेक्स में बनाया जा रहा है। इस ट्रेन की डिजाइन स्पीड लगभग 280 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, मार्च 2027 तक इसके शुरुआती मॉडल ट्रायल के लिए तैयार हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह परियोजना सफल रहती है, तो आने वाले समय में देश के दूसरे बड़े शहरों को भी बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है। इससे भारत का रेलवे सेक्टर पूरी तरह नई पहचान हासिल कर सकता है।







