Thursday, February 26, 2026

-20°C की ठंड में कुत्ते को कंबल ओढ़ाया… और चली गई नौकरी? पिज्जा चेन पर उठे सवाल

रूस के शहर चेल्याबिंस्क में कड़ाके की ठंड के बीच एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। मामला एक डिलीवरी कर्मचारी और एक आवारा कुत्ते से जुड़ा है। आरोप है कि -20 डिग्री सेल्सियस तापमान में कुत्ते को कंबल ओढ़ाने की वजह से कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया गया। यह विवाद रूस की मशहूर पिज्जा चेन Dodo Pizza से जुड़ा है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कुत्ता पिछले करीब डेढ़ साल से चेल्याबिंस्क स्थित डोडो पिज्जा के एक आउटलेट के बाहर रह रहा था। कर्मचारियों और नियमित ग्राहकों ने उसे प्यार से “डोडोबोन्या” नाम दिया था। धीरे-धीरे वह वहां का अनौपचारिक मैस्कॉट बन गया। दुकान बंद होने के बाद वह पोर्च के पास सोता था और कर्मचारी सर्दियों में उसे कंबल दे देते थे ताकि वह ठंड से बच सके।

रूस में सर्दियां बेहद कठोर होती हैं और तापमान कई बार शून्य से 20-25 डिग्री नीचे चला जाता है। ऐसे में जानवरों के लिए खुले में रहना बेहद मुश्किल होता है। कर्मचारियों के अनुसार, वे सिर्फ मानवीय आधार पर कुत्ते की मदद कर रहे थे। लेकिन हालात तब बदले जब आउटलेट में नया प्रबंधन आया।

नए मैनेजर का अल्टीमेटम और कर्मचारी की बर्खास्तगी

रिपोर्ट्स के अनुसार, आउटलेट में नई मैनेजर यूलिया की नियुक्ति के बाद कुत्ते को लेकर सख्ती शुरू हुई। कर्मचारियों को साफ निर्देश दिए गए कि कोई भी कुत्ते को अंदर न आने दे और न ही उसे किसी तरह की पनाह दी जाए। बताया जाता है कि मैनेजर ने मैसेज के जरिए चेतावनी दी थी कि जो भी कर्मचारी कुत्ते की मदद करेगा, उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।

डिलीवरी कर्मचारी मिकेल (स्थानीय रिपोर्ट्स में इसी नाम से उल्लेख) का कहना है कि उसने एक रात कुत्ते को बर्फ में ठिठुरते देखा। तापमान लगभग -20 डिग्री था। उसने दया दिखाते हुए कुत्ते को कंबल ओढ़ा दिया। मिकेल का दावा है कि यही कदम उसकी नौकरी जाने की वजह बना।

मिकेल ने स्थानीय न्यूज पोर्टल 74RU से बातचीत में कहा कि वह लंबे समय से उस आउटलेट में काम कर रहा था और सभी कर्मचारी कुत्ते की देखभाल करते थे। उसके मुताबिक, कुत्ते को कंबल देना कोई नियम तोड़ना नहीं था, बल्कि एक मानवीय कदम था। उसने यह भी दावा किया कि नई मैनेजर के मैसेज के स्क्रीनशॉट उसके पास हैं, जिनमें चेतावनी दी गई थी कि अगला व्यक्ति जो कुत्ते को “छिपाएगा”, वह खुद भी बाहर होगा।

कंपनी की सफाई और सोशल मीडिया पर बवाल

जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों ने Dodo Pizza के खिलाफ नाराजगी जतानी शुरू कर दी। कई यूजर्स ने कंपनी का बहिष्कार करने की अपील की। पशु प्रेमियों का कहना है कि इतनी ठंड में एक जानवर की मदद करना गलत नहीं हो सकता।

हालांकि कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि कर्मचारी को कुत्ते की वजह से नहीं, बल्कि उसके कार्य प्रदर्शन के कारण निकाला गया। कंपनी का कहना है कि कुत्ते वाली घटना से पहले ही संबंधित कूरियर के साथ अनुबंध समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।

कंपनी ने यह भी कहा कि वह किसी व्यक्ति से जुड़ी निजी डिटेल्स सार्वजनिक नहीं कर सकती। प्रबंधन का दावा है कि इस मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और इसे केवल भावनात्मक रूप देकर कंपनी की छवि खराब की जा रही है।

इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बहस थमने का नाम नहीं ले रही। कुछ लोग कंपनी के पक्ष में भी तर्क दे रहे हैं कि हर आउटलेट को स्वच्छता और सुरक्षा नियमों का पालन करना होता है, और जानवरों को परिसर में आने देना नियमों के खिलाफ हो सकता है।

मानवीयता बनाम नियम: बहस का बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी और एक कुत्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल खड़ा करता है कि नियमों और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। एक तरफ कंपनी का कहना है कि कर्मचारी को परफॉर्मेंस के आधार पर हटाया गया, दूसरी तरफ कर्मचारी का दावा है कि असली वजह कुत्ते की मदद करना था।

डोडोबोन्या नाम का यह कुत्ता अब स्थानीय लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। कई पशु प्रेमी उसके लिए स्थायी आश्रय की मांग कर रहे हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अगर कंपनी उसे वहां नहीं रहने देना चाहती, तो वे उसे गोद लेने को तैयार हैं।

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह दिखाया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी घटना का असर कितनी तेजी से फैल सकता है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। सच्चाई क्या है, यह आधिकारिक जांच या आगे आने वाली जानकारी से ही स्पष्ट हो पाएगा।

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