UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारत निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर निर्देश जारी किए हैं। इनका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखना है। आयोग के निर्देशों के मुताबिक, चुनाव से सीधे जुड़े निर्धारित श्रेणी के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं रखा जाएगा। इसके अलावा, जिन अधिकारियों ने संबंधित स्थान पर तीन साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा कर लिया है, उन्हें नियमों के अनुसार दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा। इस आदेश के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में तबादलों को लेकर हलचल बढ़ने की संभावना है। हालांकि, निर्देशों का दायरा संबंधित अधिकारियों की श्रेणी और आयोग की तय शर्तों के आधार पर लागू होगा। इसलिए हर अधिकारी पर एक जैसा नियम लागू मानना सही नहीं होगा।
DM से लेकर SDM तक, इन पदों पर लागू होंगे निर्देश
चुनाव आयोग के आदेश में जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) समेत चुनावी जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही एसडीएम, एडीएम, तहसीलदार और चुनाव कार्य में सीधे लगाए गए अन्य अधिकारियों की तैनाती भी निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी। पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और उनसे वरिष्ठ संबंधित अधिकारियों पर भी निर्देश लागू हो सकते हैं। आयोग का कहना है कि चुनाव से जुड़े अधिकारियों की तैनाती ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी क्षेत्र में लंबे समय तक पद पर बने रहने या स्थानीय प्रभाव के कारण निष्पक्षता पर सवाल न उठें। प्रशासन को तबादलों की प्रक्रिया में आयोग के दिशा-निर्देशों और लागू पात्रता शर्तों का पालन करना होगा।
पिछले चुनाव में जहां तैनात थे, वहां दोबारा ड्यूटी पर भी रोक
निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों के पिछले चुनावी कार्यकाल को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार, निर्धारित श्रेणी में आने वाले जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग ऑफिसरों, सहायक रिटर्निंग ऑफिसरों और पुलिस अधिकारियों को पिछले चुनाव या उपचुनाव में जिस जिले अथवा विधानसभा क्षेत्र में तैनात किया गया था, वहां दोबारा तैनात करने पर रोक संबंधी नियम लागू होंगे। इसका मकसद चुनावी व्यवस्था में निष्पक्षता बनाए रखना और किसी भी तरह के पक्षपात की आशंका को कम करना है। ऐसे में आगामी चुनाव के लिए अधिकारियों की तैनाती तय करते समय उनके पिछले कार्यस्थल और सेवा अवधि की जानकारी अहम होगी। हालांकि, किसी अधिकारी का तबादला होगा या नहीं, यह आयोग के विस्तृत निर्देशों और संबंधित मामले में लागू शर्तों पर निर्भर करेगा।
आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लापरवाही पर छह अधिकारी निलंबित
चुनाव आयोग ने मतदान संबंधी जिम्मेदारियों में लापरवाही को लेकर भी सख्त रुख दिखाया है। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के दौरान गड़बड़ियों के मामले में छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। मतदान केंद्र संख्या 21 और 26 पर सामने आई अनियमितताओं के बाद आयोग ने इन दोनों बूथों पर दोबारा मतदान कराने का निर्देश भी दिया था। आगरा मंडल के आयुक्त की 25 अक्टूबर को मिली रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। आयोग के सचिव की ओर से यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए निर्देश में कहा गया कि संबंधित पर्यवेक्षी अधिकारी मतदान केंद्रों के भीतर और आसपास प्रभावी निगरानी तथा नियंत्रण बनाए रखने में नाकाम रहे। आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि चुनावी ड्यूटी में तैनात अधिकारियों की जिम्मेदारी और निगरानी को लेकर आयोग सख्ती बरत रहा है।







