प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NDA के साथ आए सांसदों से मुलाकात के दौरान सायोनी घोष और डॉ. काकोली घोष दस्तीदार से भी बातचीत की। मुलाकात के बाद सायोनी घोष ने प्रधानमंत्री के साथ अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की। उन्होंने इस तस्वीर के साथ लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी यह पहली मुलाकात थी और यह पल उनके लिए यादगार रहेगा। सायोनी की इस पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में उनकी मुलाकात को लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, उनकी पोस्ट में किसी राजनीतिक फैसले या भविष्य की रणनीति को लेकर कोई सीधा संकेत नहीं दिया गया है।
काकोली घोष दस्तीदार ने दिखाई बंगाल की कांथा कढ़ाई
डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा की। उन्होंने बताया कि नेशनल हैंडलूम डे के मौके पर वह कोलकाता से बंगाल की मशहूर कांथा कढ़ाई लेकर पहुंची थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री को बंगाल की इस पारंपरिक कला के बारे में बताया और कांथा कढ़ाई दिखाई। काकोली के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने इस हस्तकला की तारीफ की और बंगाल के बुनकरों तथा हथकरघा क्षेत्र को सहयोग देने की बात कही। कांथा कढ़ाई बंगाल की पुरानी और प्रसिद्ध हस्तकलाओं में शामिल है, जिसमें कपड़े पर धागों की मदद से अलग-अलग डिजाइन और चित्र बनाए जाते हैं।
करीब 45 सांसदों के साथ PM मोदी की बैठक
इस मुलाकात से पहले 7 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग-अलग राजनीतिक दलों के करीब 45 सांसदों के साथ नाश्ते पर बैठक की थी। इस दौरान कई सांसदों से प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत तौर पर बातचीत की। बैठक में शिवसेना के सात सांसद, NCPI के करीब 20 सांसद, अजित पवार गुट की NCP के दो सांसद और उपेंद्र कुशवाहा समेत अन्य नेता शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने सांसदों का हालचाल जाना और उनके संसदीय क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी भी ली। बातचीत के दौरान धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर के योगाभ्यास के बारे में भी प्रधानमंत्री ने जानकारी ली। बैठक को सांसदों के साथ सीधे संवाद के लिहाज से अहम माना गया।
My first meeting with honourable Prime Minister Shri @narendramodi ji.
A moment to remember! pic.twitter.com/jzZ9f9gUpx— Saayoni Ghosh (@sayani06) August 7, 2026
विकास कार्यों पर PM मोदी का सांसदों को खास संदेश
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सांसदों को सलाह दी कि वे केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल करें, ताकि लोगों तक उसका फायदा पहुंच सके। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि किसी इलाके की विकास योजना को लेकर सांसद सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सांसदों से गरीबों, मजदूरों और किसानों के बीच नियमित रूप से जाने और उनकी समस्याओं को समझने की बात कही। सायोनी घोष की मुलाकात और काकोली घोष दस्तीदार की कांथा कढ़ाई से जुड़ी पोस्ट अब चर्चा में हैं, लेकिन इन तस्वीरों से किसी बड़े राजनीतिक फैसले का संकेत मिलता है, ऐसा अभी स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता।
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