तीसरी मंजिल से कूद रहे थे लोग, नीचे गद्दे बिछाकर बचाई गई जानें; चश्मदीदों ने बताई दिल्ली अग्निकांड की पूरी कहानी

दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। बताया जा रहा है कि सुबह के समय अचानक इमारत में आग फैलने लगी और देखते ही देखते धुएं ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। होटल में ठहरे लोग बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन सीमित निकासी व्यवस्था के कारण कई लोग अंदर ही फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हालात इतने खराब हो गए थे कि कुछ लोगों को अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगानी पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू कर दिया गया।

स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी

हादसे के दौरान स्थानीय लोगों ने भी साहस और मानवता की मिसाल पेश की। लोगों ने होटल के बाहर सड़क पर गद्दे बिछा दिए ताकि ऊपर फंसे लोग सुरक्षित नीचे कूद सकें। कई लोगों ने तीसरी मंजिल और बालकनी से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इमारत में केवल एक मुख्य सीढ़ी थी, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। कुछ लोगों ने होटल के शटर और अन्य हिस्सों को तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की। कई लोगों को बेसमेंट से भी बाहर निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धुआं पूरे भवन में भर चुका था और लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। स्थानीय नागरिकों और बचावकर्मियों के संयुक्त प्रयास से दर्जनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

आग लगने की वजह की जांच शुरू, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत भवन के निचले हिस्से से हुई थी। कुछ लोगों का कहना है कि रेस्टोरेंट के किचन या इलेक्ट्रिक उपकरणों में खराबी के कारण हादसा हुआ हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन किया गया था या नहीं। हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि बहुमंजिला भवन में केवल एक सीढ़ी क्यों थी और आपातकालीन निकास की व्यवस्था पर्याप्त थी या नहीं। जांच टीम भवन के लाइसेंस, सुरक्षा प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार ने जताया दुख, पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा

इस बड़े हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। वहीं घायलों को भी मदद देने का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि राहत और जांच दोनों काम तेजी से जारी हैं। इस हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सार्वजनिक भवनों और होटलों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कितना जरूरी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और लोगों को जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

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