बालेन शाह का भारत दौरा तय? क्या बदलने जा रहे हैं नेपाल-भारत रिश्तों के समीकरण!

नेपाल की राजनीति में बदलाव के बाद अब भारत-नेपाल संबंधों में नई हलचल देखने को मिल रही है। नेपाल के प्रधानमंत्री Balen Shah को प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से आधिकारिक निमंत्रण मिला, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, बालेन शाह जल्द ही भारत दौरे पर आ सकते हैं, हालांकि अभी तारीख तय नहीं हुई है। परंपरा के मुताबिक, नेपाल का कोई भी नया प्रधानमंत्री अपना पहला विदेश दौरा भारत से शुरू करता है, और इस बार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाने की तैयारी दिखाई दे रही है। यह दौरा ऐसे समय में होने जा रहा है जब दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा देने की जरूरत महसूस की जा रही है।

संबंध सुधारने की कोशिश, नई शुरुआत के संकेत

नेपाल के विदेश मंत्री Shishir Khanal ने बताया कि दोनों देशों के बीच इस संभावित दौरे को लेकर गंभीर तैयारी चल रही है। अधिकारी स्तर पर तकनीकी और राजनीतिक बातचीत जारी है ताकि यह दौरा सिर्फ औपचारिक न रहकर ठोस परिणाम देने वाला साबित हो। बीते कुछ वर्षों में India और Nepal के रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, खासकर पिछली सरकार के दौरान। ऐसे में बालेन शाह की यह यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली का अहम मौका बन सकती है। जानकारों का मानना है कि यह दौरा व्यापार, सीमा विवाद और कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा देने में मददगार हो सकता है।

ओली सरकार के दौर में बढ़ा था तनाव

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री K P Sharma Oli के कार्यकाल में भारत-नेपाल संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे। उस दौरान नेपाल ने नया राजनीतिक नक्शा जारी कर कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा जैसे क्षेत्रों पर दावा जताया था, जिससे दोनों देशों के बीच विवाद बढ़ गया था। इसके अलावा, ओली के कुछ बयान भी विवादों में रहे, जिससे रिश्तों में खटास आई। हालांकि अब सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार के सामने चुनौती यह है कि वह पुराने विवादों को सुलझाते हुए रिश्तों को सामान्य और मजबूत बनाए। बालेन शाह को अपेक्षाकृत संतुलित और व्यावहारिक नेता माना जा रहा है, जिससे उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।

100 सूत्रीय योजना से बदलने की कोशिश

प्रधानमंत्री बनने के बाद Balen Shah ने घरेलू स्तर पर भी बड़े बदलाव की शुरुआत की है। उन्होंने 100 सूत्रीय सुधार योजना लागू करने का ऐलान किया है, जिसका उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करना और शासन व्यवस्था को मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत गरीबों के लिए मुफ्त इलाज, महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन और वीआईपी कल्चर खत्म करने जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही, पूर्व प्रधानमंत्रियों की संपत्तियों की जांच के लिए आयोग गठित करने का फैसला भी लिया गया है। इन कदमों से साफ है कि बालेन शाह न सिर्फ देश के भीतर सुधार करना चाहते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नेपाल की नई छवि बनाना चाहते हैं। अब सबकी नजर उनके भारत दौरे पर टिकी है, जो दोनों देशों के रिश्तों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

Read More-सुबह उठकर किसे गले लगाऊं…’, आशा भोसले के जाने के बाद पोती का टूटता दिल, आखिरी वीडियो ने रुला दिया पूरा देश

Hot this week

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img