ओडिशा के बरगढ़ जिले में एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार पद्मपुर उपखंड के पुरेना गांव निवासी तुलसीराम बरिहा पर कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से हमला किया। आरोप है कि करीब पांच लोगों ने उसे बेरहमी से पीटा और उसे मृत समझकर एक सुनसान इलाके में स्थित गहरे कुएं में फेंक दिया। घटना बीते रविवार तड़के लगभग 3 बजे के आसपास की बताई जा रही है। हमलावरों को लगा कि युवक की मौत हो चुकी है, इसलिए वे मौके से फरार हो गए। लेकिन यह उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई, क्योंकि युवक की सांसें अभी भी चल रही थीं और उसने मौत को मात देने की ठान ली थी।
कुएं के भीतर चार दिनों की जंग
कुएं में गिरने के बाद तुलसीराम के लिए हर पल एक नई परीक्षा जैसा था। अंधेरा, गहराई और चोटों के बीच वह जिंदगी और मौत के बीच फंसा रहा। सबसे बड़ी चुनौती थी भूख और प्यास, लेकिन इसके बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी। चार दिनों तक वह लगातार मदद के लिए आवाज लगाता रहा, हालांकि आसपास कोई सुनने वाला नहीं था। कुएं के भीतर उसके पास न तो खाने-पीने की कोई व्यवस्था थी और न ही बाहर निकलने का कोई रास्ता। बावजूद इसके उसने मानसिक रूप से खुद को टूटने नहीं दिया। यह पूरा समय उसके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था, जहां हर गुजरता घंटा उसकी जिजीविषा को और मजबूत करता गया।
ग्रामीण की सतर्कता और रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना का खुलासा तब हुआ जब एक ग्रामीण गुरुवार को लकड़ी इकट्ठा करने के लिए उस सुनसान इलाके में पहुंचा। कुएं के पास पहुंचते ही उसे अंदर से किसी के कराहने और मदद की आवाज सुनाई दी। पहले तो वह चौंक गया, लेकिन तुरंत उसने स्थिति को गंभीरता से समझते हुए पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने कुएं के अंदर फंसे तुलसीराम को सुरक्षित बाहर निकाला। उसे तत्काल बिजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, समय रहते मदद मिलने से उसकी जान बच सकी।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
इस पूरे मामले ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी सतर्क कर दिया है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर पुलिस ने लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जांच तेज कर दी है। मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस इस घटना को हत्या के प्रयास और गंभीर अपराध के तौर पर देख रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह और साजिश का खुलासा हो सकेगा। यह मामला न सिर्फ एक जघन्य अपराध को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह एक इंसान की जिजीविषा असंभव परिस्थितियों में भी जीत हासिल कर सकती है।








