धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक और पेपर लीक! एग्जाम से पहले WhatsApp पर कैसे पहुंच गया सर्जरी का पेपर? 

Gujarat Paper Leak News: गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी की तीसरे वर्ष की ‘शल्य तंत्र-1’ (सर्जरी) परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही सवालों से जुड़ा एक मैसेज WhatsApp पर तेजी से वायरल हो गया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद जब वायरल मैसेज की तुलना असली प्रश्न पत्र से की गई तो उसमें शामिल 12 में से 11 सवाल एक जैसे पाए गए। इस जानकारी के सामने आते ही यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर पेपर लीक की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना ने छात्रों और शिक्षकों के बीच परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रोफेसर ने सबसे पहले अधिकारियों को दी जानकारी

जानकारी के अनुसार, जूनागढ़ आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी स्क्वॉड के सदस्य डॉ. अल्पेश जरसानिया को परीक्षा के दौरान कॉलेज के एक फैकल्टी सदस्य ने बताया कि सोशल मीडिया पर परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल पहले से ही वायरल हो रहे हैं। इसके बाद उन्होंने तुरंत वायरल मैसेज की जांच की और प्रश्न पत्र से उसका मिलान किया। शुरुआती जांच में अधिकांश सवाल एक जैसे दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने बिना देरी किए यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग और कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन को पूरे मामले की सूचना दी। उन्होंने कहा कि अंतिम निष्कर्ष विषय विशेषज्ञों और यूनिवर्सिटी की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।

26 कॉलेजों के 1200 छात्रों ने दी थी परीक्षा

यूनिवर्सिटी के इंचार्ज एग्जामिनेशन डायरेक्टर एचपी झाला ने बताया कि ‘शल्य तंत्र-1’ की परीक्षा में राज्य के 26 कॉलेजों के करीब 1200 छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा तय समय पर शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई थी। परीक्षा खत्म होने के बाद शाम के समय अधिकारियों को जानकारी मिली कि एग्जाम से पहले WhatsApp पर कुछ ऐसे सवाल वायरल हुए थे, जो प्रश्न पत्र से काफी हद तक मेल खाते हैं। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी तथ्यों की जांच शुरू कर दी। उनका कहना है कि यदि जांच में पेपर लीक होने के पुख्ता सबूत मिलते हैं तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 निष्पक्ष जांच के लिए बनी स्पेशल कमेटी, रिपोर्ट का इंतजार

मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कुलपति से चर्चा के बाद एक विशेष जांच समिति गठित करने का फैसला लिया है। यह समिति वायरल WhatsApp मैसेज, प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया, परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य सभी पहलुओं की विस्तार से जांच करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह केवल सवालों का संयोग था या वास्तव में प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले बाहर आ गया था। फिलहाल छात्र भी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई और परीक्षा से जुड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। यूनिवर्सिटी ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले में पारदर्शिता रखी जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

Read More-हवा में अचानक मचा हड़कंप! इंडिगो फ्लाइट के साथ ऐसा क्या हुआ कि करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग?

 

Hot this week

नांदेड़ में रात के वक्त मचा कोहराम, ट्रक से टकराई टाटा मैजिक; 6 की मौत, 8 घायल

Maharashtra Nanded Accident: महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुवार रात...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img