उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से छात्राओं की सुरक्षा और निजता को झकझोर देने वाला एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर स्थित प्रभात गली के एक निजी गर्ल्स हॉस्टल में उस वक्त कोहराम मच गया, जब बाथरूम के टिनशेड के ऊपर एक स्मार्टफोन रिकॉर्डिंग मोड में ऑन मिला। हॉस्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही करीब 26 छात्राओं को जब इस बात की भनक लगी, तो मौके पर भारी हंगामा खड़ा हो गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद डायल 112 और कैंट थाने की फोर्स ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और अभिभावक अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित नजर आ रहे हैं।
सैमसंग के फोन में मिला वीडियो रिकॉर्डिंग मोड
यह पूरी घटना 8 सितंबर की देर रात करीब 10 से 12 बजे के बीच की बताई जा रही है। हॉस्टल की एक छात्रा जब दैनिक कार्यों के लिए बाथरूम में गई, तो उसकी नजर ऊपर टिनशेड के पास एक सैमसंग एंड्रॉयड मोबाइल फोन पर पड़ी। पास जाकर देखने पर पता चला कि फोन का कैमरा सीधे टॉयलेट की तरफ इशारा करते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग मोड पर चालू था। इस खुलासे के बाद पीड़िता ने तुरंत अन्य साथियों को इसकी जानकारी दी। लगभग 20 कमरों वाले इस हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने जब फोन की गैलरी और फाइल्स खंगालीं, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि उसमें पहले से ही कई आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड मिले, जिससे साफ था कि यह गंदा खेल लंबे समय से चल रहा था।
वार्डेन की अजीबोगरीब सफाई और छात्राओं का आक्रोश
मामला तूल पकड़ने और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद जब महिला वार्डेन से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने जो दलील दी उसने सुनने वाले सभी लोगों को हैरान कर दिया। वार्डेन का बेतुका तर्क था कि कुछ छात्राएं इस्तेमाल किए गए सैनिटरी पैड डस्टबिन में डालने के बजाय इधर-उधर फेंक देती हैं, जिससे बाथरूम में गंदगी फैलती है। इसी गंदे व्यवहार की निगरानी करने और दोषी छात्रा की पहचान करने के लिए उसने रात के वक्त मोबाइल को रिकॉर्डिंग पर लगाकर वहां छिपाया था। हालांकि, पीड़ित छात्राओं ने वार्डेन की इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि कैमरे का एंगल और उसकी पोजीशन इस तरह सेट की गई थी कि वह साफ तौर पर उनकी निजता का हनन करने और अश्लील वीडियो बनाने के उद्देश्य से ही लगाया गया था।
मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा, पुलिस की कार्रवाई तेज
कैंट थाना पुलिस ने विवादित मोबाइल फोन को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक और डिजिटल जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस अब इस तकनीकी पड़ताल में जुटी है कि यह फोन आखिरकार किसके निर्देश पर वहां रखा गया था, उसमें कुल कितने वीडियो रिकॉर्ड हुए हैं और क्या इन क्लिप्स को किसी अन्य डिवाइस पर ट्रांसफर या सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है या नहीं। पुलिस प्रशासन ने छात्राओं की शिकायत के आधार पर वार्डेन के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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