30 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पड़ रही है, जिसे सोम प्रदोष व्रत के रूप में मनाया जाएगा। प्रदोष व्रत हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। जब यह व्रत सोमवार के दिन पड़ता है, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसा माना जाता है कि सोम प्रदोष व्रत से शिवभक्तों की मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य, सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
शिवभक्तों के अनुसार, इस दिन व्रत करने और पूजा करने से शिवजी की विशेष कृपा मिलती है। सोम प्रदोष व्रत न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जीवन में नकारात्मकता को दूर करने और नई ऊर्जा पाने का अवसर भी देता है।
प्रदोष व्रत में पूजा और मंत्र जाप
प्रदोष व्रत के दौरान पूजा का समय सबसे शुभ माना जाता है। 30 मार्च 2026 को प्रदोष काल शाम 06:38 बजे से रात 08:57 बजे तक रहेगा। इस दौरान शिवभक्तों को पूजा करने का विशेष लाभ मिलता है।
पूजा के समय शिवजी के मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी है। सबसे लोकप्रिय और शक्तिशाली मंत्र हैं:
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमो भगवते रूद्राय
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्
इन मंत्रों का नियमित जाप करने से मन में शांति और आत्मविश्वास बढ़ता है, और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
शिवलिंग पूजन और अर्पित करने योग्य वस्तुएं
व्रत के दिन सुबह उठकर स्नान करना और साफ-सुथरे कपड़े पहनकर शिवलिंग पूजन करना चाहिए। पूजा में सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल चढ़ाएं। इसके बाद चंदन, बेलपत्र, धतूरा, गन्ने का रस और शहद अर्पित करें।
ध्यान रखें कि इस दिन तुलसी, शंख, केतकी और केवड़ा के फूल का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यह पूजा विधि न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि शिवजी की कृपा प्राप्त करने में भी सहायक मानी जाती है।
नटराज स्तुति और दान का महत्व
सोम प्रदोष व्रत पर नटराज स्तुति का पाठ करना अत्यंत शुभ है। यह स्तुति शिवजी के तांडव रूप का वर्णन करती है और भक्तों को उनके संरक्षण की अनुभूति कराती है।
इसके साथ ही दान करना भी शुभ माना गया है। अन्न, सफेद वस्तुएं और मौसमी फल दान करने से शिवजी की कृपा प्राप्त होती है। अपने सामर्थ्य के अनुसार दान देने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। 30 मार्च 2026 का सोम प्रदोष व्रत शिवभक्तों के लिए अत्यंत फलदायी अवसर है। पूजा, मंत्र जाप, नटराज स्तुति और दान के ये 5 उपाय न केवल जीवन में सुख-समृद्धि लाते हैं, बल्कि मानसिक शांति और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हैं। इस प्रदोष व्रत को नियमपूर्वक करने से शिवजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में नकारात्मकता दूर होती है।








