UGC-NET Re-Examination: UGC-NET जून 2026 परीक्षा को लेकर एक बार फिर विवाद बढ़ गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषय की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। NTA ने री-एग्जाम का शेड्यूल भी जारी कर दिया है। इस फैसले के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और NTA पर सवाल उठाते हुए छात्रों के हित में जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
तीन विषयों की परीक्षा फिर होगी, छात्रों को दोबारा करनी होगी तैयारी
UGC-NET जून 2026 की परीक्षा में शामिल हुए छात्रों के लिए NTA ने तीन विषयों का री-एग्जाम कराने का फैसला किया है। इनमें इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी शामिल हैं। राहुल गांधी ने इसी मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना है कि परीक्षा आयोजित होने के काफी समय बाद इसे दोबारा कराने का फैसला लिया गया, जिससे उन छात्रों की परेशानी बढ़ गई है, जो पहले ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में समय और पैसा खर्च कर चुके हैं। अब उन्हें दोबारा तैयारी करनी होगी और परीक्षा केंद्र तक जाना पड़ेगा। राहुल ने सवाल उठाया कि आखिर परीक्षा एजेंसी की गलती की कीमत छात्रों को क्यों चुकानी पड़ रही है।
राहुल गांधी ने NTA की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों के सामने लगातार परेशानियां खड़ी हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था छात्रों के समय, पैसे और मेहनत पर भारी पड़ रही है। राहुल ने यह भी सवाल उठाया कि क्या परीक्षा से पहले ही पेपर से जुड़ी कोई गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में सिर्फ परीक्षा दोबारा कराने से बात खत्म नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि गलती कहां और कैसे हुई। राहुल के मुताबिक, छात्रों को बार-बार परीक्षा देने के लिए मजबूर करने से उनके भविष्य और मानसिक दबाव पर असर पड़ता है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, जवाबदेही तय करने पर जोर
राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस दिशा में पहला कदम होना चाहिए था और NTA के शीर्ष अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। राहुल ने सितंबर में दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों से कहा कि इस स्थिति के लिए उन्हें खुद को जिम्मेदार नहीं समझना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दे पर सवाल उठाती रहेगी। अब छात्रों की नजर री-एग्जाम की प्रक्रिया और NTA की आगे की कार्रवाई पर है।
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