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बिहार MLC चुनाव में महागठबंधन के अंदर ही महाभारत! 6 सीटों पर अपने ही आमने-सामने, जानिए पूरा मामला

बिहार MLC चुनाव में महागठबंधन के 15 उम्मीदवार मैदान में हैं। 6 सीटों पर आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई और सीपीएम के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। जानिए पूरा चुनावी समीकरण।

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बिहार में विधान परिषद (MLC) की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव ने महागठबंधन के अंदर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। सीटों पर सहमति नहीं बनने के कारण गठबंधन के सहयोगी दल अलग-अलग उम्मीदवार उतार रहे हैं। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई और सीपीएम के कुल 15 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें 6 सीटें ऐसी हैं, जहां महागठबंधन के ही घटक दलों के उम्मीदवार एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं। इससे चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने के साथ गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

दरभंगा शिक्षक सीट पर तीन दलों के उम्मीदवारों की टक्कर

दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला सबसे दिलचस्प हो गया है। आरजेडी ने यहां कुंवर राय को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं कांग्रेस की ओर से मौजूदा एमएलसी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा चुनाव मैदान में हैं। सीपीएम ने भी इस सीट पर रामदेव राय को प्रत्याशी घोषित किया है। इस तरह एक ही सीट पर महागठबंधन से जुड़े तीन दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। आरजेडी के नए उम्मीदवार की एंट्री के बाद इस सीट का चुनावी समीकरण और पेचीदा हो गया है।

पटना से कोसी तक कई सीटों पर सीधी भिड़ंत

महागठबंधन के भीतर टकराव केवल दरभंगा तक सीमित नहीं है। सारण शिक्षक सीट पर आरजेडी के प्रो. जयराम यादव और सीपीआई के विद्यासागर विद्यार्थी के बीच मुकाबला है। पटना स्नातक सीट पर आरजेडी ने दिलीप कुमार, जबकि कांग्रेस ने डॉ. असादुल्लाह खान को उतारा है। पटना शिक्षक सीट पर डॉ. संजीव कुमार सिंह और संजय कुमार यादव आमने-सामने हैं। कोसी स्नातक सीट पर आरजेडी के नितेश कुमार और कांग्रेस के मनोज जायसवाल के बीच मुकाबला होगा। दरभंगा स्नातक सीट पर भी दोनों दलों ने अलग-अलग प्रत्याशी उतारे हैं।

आरजेडी के सबसे ज्यादा उम्मीदवार, गठबंधन की एकता पर सवाल

अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरजेडी ने 7, कांग्रेस ने 5, सीपीआई ने 2 और सीपीएम ने 1 उम्मीदवार मैदान में उतारा है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सीटों पर तालमेल नहीं बन पाने का असर चुनावी मुकाबले पर दिखाई दे रहा है। छह सीटों पर सहयोगी दलों के उम्मीदवारों के आमने-सामने आने से वोटों के बंटवारे की स्थिति बन सकती है। हालांकि, चुनाव के नतीजों पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह आगे स्पष्ट होगा। फिलहाल बिहार MLC चुनाव में महागठबंधन के दलों के बीच सीधी टक्कर ने राजनीतिक मुकाबले को और रोचक बना दिया है।

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