बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर सीटों का तालमेल सवालों में आ गया है। कांग्रेस ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जबकि RJD पहले ही छह सीटों पर प्रत्याशी उतार चुकी है। कांग्रेस के नए ऐलान के बाद तीन स्नातक सीटों पर दोनों सहयोगी दलों के उम्मीदवार आमने-सामने होंगे।
कांग्रेस ने पांच सीटों पर खोला मोर्चा
कांग्रेस ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा को फिर मैदान में उतारा है। कोसी स्नातक सीट से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक से रजनीकांत पाठक, पटना शिक्षक सीट से डॉ. संजय यादव और पटना स्नातक क्षेत्र से डॉ. असदुल्लाह खान को टिकट दिया गया है। इनमें दरभंगा शिक्षक और पटना शिक्षक सीट पर फिलहाल RJD ने उम्मीदवार नहीं उतारा है।
तीन सीटों पर RJD-कांग्रेस आमने-सामने
कांग्रेस के उम्मीदवार घोषित होने के बाद कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और पटना स्नातक सीटों पर RJD और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला बन गया है। RJD ने पिछले महीने छह सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की थी और बाकी सीटों पर फैसला बाद में करने की बात कही थी। अब कांग्रेस की सूची के बाद गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और चुनावी तालमेल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इसे पूरे महागठबंधन के औपचारिक रूप से टूटने के बराबर मानना अभी जल्दबाजी होगी।
23 अक्टूबर को होगा मतदान, आगे क्या रणनीति?
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव में कांग्रेस और RJD की अलग-अलग रणनीति ने राजनीतिक निगाहें दोनों दलों के अगले कदम पर टिकाई हैं। खास तौर पर तीन सीटों पर दोनों के प्रत्याशी होने से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्या कोई उम्मीदवार पीछे हटता है या दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है और परिणाम 27 अक्टूबर को घोषित किए जाने हैं।








