मंच पर महिला उम्मीदवार पर विवादित टिप्पणी सुन भड़के विजय, स्टालिन के खिलाफ फूटा गुस्सा

तमिलनाडु के धारापुरम विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले राज्य की सियासत मेंवान जबरदस्त उबाल आ गया है। आगामी 6 अक्टूबर को होने वाले इस महत्वपूर्ण उपचुनाव के प्रचार के दौरान एक जनसभा में दिए गए बयानों ने राजनीतिक सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है। आरोप है कि चुनावी मंच से एक दल के नेता ने विरोधी पार्टी की महिला उम्मीदवार के शारीरिक गठन और रंग-रूप को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां कर दीं, जिन्हें अब सीधे तौर पर ‘बॉडी शेमिंग’ और व्यक्तिगत अपमान बताया जा रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद से सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी बहस छिड़ गई है और हर कोई यह जानने को बेताब है कि आखिर मंच से ऐसी कौन सी बात कह दी गई जिसने सियासी पारे को इतना बढ़ा दिया।

मुख्यमंत्री विजय का फूटा गुस्सा, डीएमके पर बोला तीखा हमला

इस पूरे विवाद के केंद्र में टीवीके प्रमुख और मुख्यमंत्री विजय का तीखा रुख है, जिन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक के बाद एक कई कड़े पोस्ट कर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर जमकर निशाना साधा है। विजय ने आरोप लगाया है कि धारापुरम निर्वाचन क्षेत्र से टीवीके उम्मीदवार पी. सत्यभामा के खिलाफ जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उनके रंग-रूप का मजाक उड़ाया गया, वह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। उनका कहना है कि जनसभाओं की आड़ में इस तरह की ओछी टिप्पणियां करना किसी भी सभ्य समाज और लोकतांत्रिक परंपरा का अपमान है। विजय ने कड़े शब्दों में डीएमके को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति इस प्रकार की मानसिकता और सोच इस पार्टी के पुराने पैटर्न को ही दर्शाती है।

क्या है पूरा विवाद और क्यों गरमाई सियासत?

सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, विवाद की मुख्य वजह मुख्यमंत्री स्टालिन द्वारा चुनावी भाषण के दौरान टीवीके उम्मीदवार पी. सत्यभामा को कथित तौर पर ‘पेटी बामा’ और ‘पलटी बामा’ जैसे शब्दों से संबोधित करना और उनके पिछले राजनीतिक सफर पर सवाल उठाना है। टीवीके नेताओं का कहना है कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि एक महिला और खासकर अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाली सक्रिय नेत्री के आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार है। पार्टी नेताओं ने कोयंबटूर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जाएगा और इसके खिलाफ सीधे चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया जाएगा। साथ ही, उन्होंने स्टालिन से इस आपत्तिजनक बयान के लिए बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की है।

सार्वजनिक माफी की मांग और आगे का चुनावी समीकरण

जैसे-जैसे 6 अक्टूबर का मतदान नजदीक आ रहा है, यह विवाद धारापुरम विधानसभा उपचुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। टीवीके कार्यकर्ताओं और नेतृत्व का साफ कहना है कि जनता लोकतंत्र विरोधी और महिलाओं का अपमान करने वाली ताकतों को आगामी चुनाव में अपने वोटों की ताकत से करारा जवाब देगी। दूसरी ओर, विपक्षी खेमे से भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक और तीखा हो गया है। अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और जनता इस पूरे विवाद के बीच मतदान के दिन किसे अपना समर्थन देकर राजनीतिक भविष्य का फैसला करती है।

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