वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। एक शिष्य की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार, प्रेमानंद महाराज से होने वाले एकांतिक दर्शन और बातचीत को अनिश्चित समय के लिए रोक दिया गया है। इसके साथ ही नाम मंत्र और गुरु दीक्षा देने की प्रक्रिया भी फिलहाल बंद कर दी गई है। प्रेमानंद महाराज अब यमुना के दूसरी तरफ बने नए आश्रम में रहते हैं। यहां कुछ समय पहले भक्तों के लिए दर्शन और बातचीत की व्यवस्था शुरू हुई थी।
शिष्यों के कपड़ों को लेकर भी नए नियम
आश्रम में रहने और सेवा करने वाले शिष्यों के कपड़ों को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, जो शिष्य गृहस्थ हैं और दुकान, ठेला या कोई दूसरा काम करते हैं, उन्हें सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनना होगा। ऐसे शिष्यों को आश्रम वाले सफेद कपड़े पहनने की अनुमति नहीं होगी। आश्रम की सेवा से जुड़े गृहस्थ शिष्यों के लिए भी सामान्य कुर्ता-पायजामा पहनने की बात कही गई है।
किन लोगों को सफेद या पीले कपड़े पहनने की अनुमति?
नए नियमों के अनुसार, सफेद कपड़े केवल उन चुनिंदा लोगों के लिए रखे गए हैं जो सीधे महाराज की निजी सेवा या आश्रम की मुख्य व्यवस्था से जुड़े हैं। वहीं साधु, संन्यासी और गुरु दीक्षा ले चुके साधु रूप में रहने वाले शिष्यों के लिए सफेद या पीले कपड़ों की व्यवस्था बताई गई है। इन नियमों का मकसद आश्रम में अलग-अलग तरह के शिष्यों की पहचान और व्यवस्था को साफ रखना बताया जा रहा है।
शिष्य की मौत के बाद मामला चर्चा में
इन बदलावों की चर्चा प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद शुरू हुई है। जानकारी के मुताबिक, दीपक की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई थी। पोस्टमार्टम में सिर और पसलियों में चोट की बात सामने आई। मामले की जांच पुलिस कर रही है और सीसीटीवी समेत दूसरे सबूतों को भी देखा जा रहा है। इस घटना के बाद आश्रम की व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे हैं। हालांकि, मौत की पूरी वजह और मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं पर जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
Read More-लग्जरी कार नहीं, ऑटो से सेट पर पहुंचे रजनीकांत, फैंस का शोर सुनकर खुद आए बाहर; वीडियो वायरल







