बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान मेरठ में उनका स्वागत बुलडोजरों से किया गया था। टोल प्लाजा पर कई बुलडोजर खड़े किए गए थे और फूलों से स्वागत हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, 21 सितंबर को उनके दो दिवसीय यूपी दौरे की शुरुआत मेरठ से हुई थी। इस दौरे का फोकस संगठन और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर रहा।
दूसरे दिन बदला स्वागत का अंदाज
दौरे के अगले दिन मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर भी स्वागत की तैयारी की गई थी। हालांकि, नितिन नबीन का काफिला वहां रुके बिना आगे निकल गया। इसके बाद पार्टी के भीतर उनके बुलडोजर वाले स्वागत को लेकर नाराजगी की बात सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, नबीन ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को बड़े होर्डिंग और बुलडोजर के जरिए स्वागत करने के बजाय संगठन को जमीन पर मजबूत करने पर ध्यान देने का संदेश दिया।
घर-घर झंडे पर जोर, सड़क पर शक्ति प्रदर्शन से दूरी
नितिन नबीन की ओर से कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिए जाने की बात सामने आई है कि स्वागत के लिए बड़े इंतजाम करने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय कार्यकर्ता अपने घर और समर्थकों के घर बीजेपी का झंडा लगाएं। इस संदेश को संगठन को बूथ और घर-घर तक पहुंचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी अध्यक्ष के पश्चिमी यूपी दौरे में सांसदों, विधायकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठकें भी हुईं।
2027 की तैयारी में संगठन पर फोकस
नितिन नबीन का यूपी दौरा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच हुआ है। मेरठ और सहारनपुर में उन्होंने संगठन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं। पार्टी की ओर से बूथ स्तर की तैयारियों, कार्यकर्ताओं से संवाद और जमीनी फीडबैक पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में बुलडोजर और बड़े स्वागत कार्यक्रमों से दूरी बनाने का संदेश पार्टी के संगठनात्मक अभियान के संदर्भ में चर्चा में है।







