राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी गड़बड़ी को लेकर अब राजनीति भी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद ने इस मामले पर राम मंदिर ट्रस्ट और बीजेपी से कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी बड़े धार्मिक स्थल को लेकर सवाल उठते हैं, तो लोगों के सामने पूरी सच्चाई आनी चाहिए। उनका कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि लोगों का भरोसा बना रहे।
मुलायम सिंह यादव को लेकर भी उठाया सवाल
कीर्ति आजाद ने अपने बयान में अयोध्या आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी अक्सर कहती है कि कारसेवकों पर गोली चलाने के लिए उस समय के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव जिम्मेदार थे। उन्होंने सवाल किया कि अगर बीजेपी ऐसा मानती है, तो बाद में मुलायम सिंह यादव को पद्म भूषण सम्मान क्यों दिया गया। उन्होंने कहा कि जनता इन सवालों का जवाब जानना चाहती है और इस पर साफ जवाब मिलना चाहिए।
नृपेंद्र मिश्रा की भूमिका पर भी पूछे सवाल
टीएमसी सांसद ने पूर्व अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि अगर पुराने मामलों में उनकी भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं, तो फिर उन्हें बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में अहम जिम्मेदारी क्यों दी गई। साथ ही उन्होंने पूछा कि राम मंदिर निर्माण से जुड़ी समिति का प्रमुख उन्हें किस आधार पर बनाया गया। कीर्ति आजाद ने कहा कि इन सभी बातों पर खुलकर जानकारी दी जानी चाहिए।
बोले- जांच हो और सच जनता के सामने आए
कीर्ति आजाद ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इसलिए इससे जुड़े किसी भी आरोप को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर चढ़ावे को लेकर कोई शिकायत या आरोप सामने आए हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही जांच के बाद जो भी सच्चाई सामने आए, उसे लोगों के सामने रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि पारदर्शिता से ही लोगों का विश्वास बना रहेगा।








