Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के दुरुपयोग और चोरी के मामले की जांच जारी है। इसी बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (AIAA) के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठाए हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के समय से ही VHP पर जुटाए गए धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। रशीदी ने दावा किया कि रथ यात्रा के दौरान करीब 1400 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, लेकिन इस राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई नया दस्तावेज या आधिकारिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
चंपत राय की भूमिका को लेकर भी जताया संदेह
मौलाना साजिद रशीदी ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि मौजूदा विवाद के दौरान चंपत राय खुद को विश्व हिंदू परिषद से अलग दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। रशीदी का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि पुराने वित्तीय सवालों और मौजूदा मामले को एक-दूसरे से जोड़कर न देखा जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भविष्य में यह संदेश देने की कोशिश की जा सकती है कि चंपत राय का इस पूरे मामले से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, इन आरोपों पर विश्व हिंदू परिषद या चंपत राय की ओर से इस खबर के लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
SIT की जांच जारी, सरकार ने बढ़ाया जांच का समय
राम मंदिर में दान के कथित दुरुपयोग के मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। जांच के तहत टीम हाल ही में मंदिर परिसर पहुंची और संबंधित दस्तावेजों तथा अन्य तथ्यों की समीक्षा की। राज्य सरकार ने जांच को और व्यापक बनाने के लिए एसआईटी को अतिरिक्त समय भी दिया है, ताकि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा सके। इससे पहले प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विपक्ष के निशाने पर सरकार, बढ़ी राजनीतिक हलचल
राम मंदिर से जुड़े इस विवाद ने राजनीतिक माहौल भी गर्म कर दिया है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांग रहे हैं। वहीं, जांच एजेंसियां लगातार तथ्यों को जुटाने में लगी हैं। इस बीच मौलाना साजिद रशीदी के बयान ने विवाद को नया राजनीतिक आयाम दे दिया है। हालांकि, यह ध्यान देना जरूरी है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और लगाए गए कई आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के बाद ही सामने आएगा।
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