कहते हैं कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का सच्चा अटूट विश्वास हो, तो दुनिया की कोई भी ताकत या शारीरिक कमजोरी आपका रास्ता नहीं रोक सकती। कुछ ऐसा ही अनोखा और रोंगटे खड़े कर देने वाला नजारा आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तिरुमला में देखने को मिला, जिसे देखकर आम लोग तो क्या, डॉक्टर भी हैरान हैं। सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों एक दिल को छू लेने वाला वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक बेहद बुजुर्ग महिला, जिनकी उम्र पूरे 116 साल बताई जा रही है, भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए तिरुमला पर्वत की बेहद कठिन और खड़ी सीढ़ियों को अपने पैरों से नापती हुई नजर आ रही हैं। इस उम्र में जहां अमूमन लोग बिस्तर से उठने में भी दूसरों का सहारा लेते हैं, वहां इन बुजुर्ग दादी का यह हौसला देखकर हर कोई उन्हें सिर झुकाकर सलाम कर रहा है। इंटरनेट पर इस वीडियो ने तहलका मचा रखा है और लोग इसे आस्था की सबसे बड़ी जीत मान रहे हैं।
अपनों का साथ और दादी की जिद: गाड़ी छोड़ पैदल काटा रास्ता
मिली जानकारी के मुताबिक, यह चमत्कारी और प्रेरणादायी घटना तब सामने आई जब यह बुजुर्ग महिला अपने पूरे परिवार के साथ कर्नाटक से तिरुमला में भगवान बालाजी के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंची थीं। जब पूरा परिवार तिरुमला की पहाड़ियों के नीचे पहुंचा, तो सबके मन में सबसे बड़ा सवाल और चिंता यही थी कि इतनी अधिक उम्र में दादी मां इस दुर्गम पहाड़ी के ऊपर तक कैसे पहुंच पाएंगी? परिवार के सदस्यों ने उनके आराम के लिए गाड़ी या पालकी का इंतजाम करने का सुझाव दिया, लेकिन दादी के मन में तो जैसे साक्षात ईश्वर ने वास कर लिया था। उन्होंने किसी भी तरह की गाड़ी या वाहन का सहारा लेने से साफ इनकार कर दिया और पैदल ही चढ़ाई करने की इच्छा जाहिर की। दादी की इस अटूट जिद और भगवान के प्रति उनके समर्पण को देखकर परिवार ने भी घुटने टेक दिए। पूरे रास्ते परिवार के लोग उनका हाथ थामकर, उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहे, ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो। इसी बीच वहां मौजूद एक अन्य भक्त ने इस अद्भुत पल को अपने मोबाइल में कैद कर लिया।
A woman claimed to be 116 years old drew the attention of devotees after completing the trek to Tirumala via the Alipiri footpath, one of the most challenging pilgrimage routes to the hill shrine.The Alipiri footpath consists of around 3,550 steps and stretches approximately 9–11… pic.twitter.com/kfjKsxg9j3
— Karnataka Portfolio (@karnatakaportf) July 5, 2026
3550 सीढ़ियां और 11 किलोमीटर का वो जानलेवा सफर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तिरुमला पर्वत पर स्थित भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर तक पहुंचने का जो ‘अलीपिरी मार्ग’ है, उसे देश के सबसे कठिन और थका देने वाले धार्मिक ट्रैकिंग रूट्स में गिना जाता है। यह पूरा रास्ता लगभग 11 किलोमीटर लंबा है, जिसमें श्रद्धालुओं को शेषाचलम के घने जंगलों और पहाड़ों के बीच से होते हुए करीब 3,550 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इस रास्ते पर चढ़ाई इतनी सीधी और कठिन है कि अच्छे-खासे नौजवान और सेहतमंद लोग भी कुछ दूर चलकर हांफने लगते हैं और जगह-जगह बैठकर आराम करते हैं। लेकिन इन 116 साल की बुजुर्ग महिला के चेहरे पर न तो कोई शिकन थी और न ही कोई थकान। वीडियो में साफ दिख रहा है कि वह बहुत ही धीमे-धीमे, पूरी शांति और धैर्य के साथ एक-एक सीढ़ी को पार कर रही हैं। उनके चेहरे का तेज और आंखों की चमक यह साफ बयां कर रही थी कि भले ही उनका शरीर कमजोर हो चुका हो, लेकिन उनका आत्मबल और भगवान के प्रति उनकी श्रद्धा हिमालय से भी ऊंची थी।
इंटरनेट पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, मंदिर प्रशासन भी हुआ नतमस्तक
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट हुआ, यह आग की तरह फैल गया और लाखों लोग इसे देख चुके हैं। रास्ते में जो भी अन्य श्रद्धालु इस बुजुर्ग महिला को देख रहे थे, वे वहीं रुककर हाथ जोड़कर उनके सम्मान में खड़े हो जा रहे थे। कई लोगों ने तो रास्ते में ही उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने भी महिला के इस हैरतअंगेज जज्बे और इच्छाशक्ति की जमकर तारीफ की है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार कमेंट करके लिख रहे हैं कि ‘उम्र सिर्फ एक नंबर है, असली ताकत तो इंसान के भीतर छिपे हौसले की होती है।’ एक यूजर ने भावुक होते हुए लिखा कि हम लोग छोटी-मोटी दिक्कतों और घुटनों के दर्द का बहाना बनाकर हिम्मत हार जाते हैं, लेकिन इन दादी मां ने आज पूरी दुनिया को जीने का और विश्वास का असली मतलब समझा दिया है। यह कहानी हमें सिखाती है कि जब इंसान के इरादे फौलादी हों और मन में सच्ची श्रद्धा हो, तो उम्र का कोई भी पड़ाव आपके कदमों को रोक नहीं सकता।
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