आरती हत्याकांड: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुए आरती हत्याकांड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या करने की बात स्वीकार करने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बताया कि वह आरती से नाराज था और दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी का आरोप है कि आरती ने उससे रिश्ता खत्म कर उसके फुफेरे भाई संजू के साथ रहना शुरू कर दिया था। धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि सरकारी दस्तावेजों में आरती के साथ उसका नाम दर्ज था, लेकिन वह किसी और के साथ रह रही थी। हालांकि, आरोपी के ये सभी बयान पुलिस जांच का हिस्सा हैं और इनकी पुष्टि अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और जांच के बाद ही होगी।
ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद धर्मेंद्र लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके। बताया गया कि वह किसी एक जगह पर ज्यादा देर नहीं रुकता था। आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि वह जलालपुर के पास तलवार वाले हनुमान मंदिर के नजदीक छिपा हुआ है। इसके बाद हजीरा थाना पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि घटना के दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई थी और इसी विवाद में उसने गला दबाकर आरती की हत्या कर दी। पुलिस अब आरोपी के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
रिश्तों में बढ़ते विवाद के बीच हुई वारदात
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरती की निजी जिंदगी पिछले कई वर्षों से विवादों में रही थी। जानकारी के अनुसार, उसने साल 2015 में अतर सिंह से शादी की थी और इस शादी से उसके दो बच्चे हैं। बाद में पति से विवाद होने के बाद वह अलग रहने लगी। इसके बाद उसकी नजदीकियां धर्मेंद्र से बढ़ीं और दोनों कुछ समय तक साथ रहे। इसी दौरान आधार कार्ड समेत कुछ दस्तावेजों में भी धर्मेंद्र का नाम जुड़ गया था। पुलिस के अनुसार, बाद में आरती धर्मेंद्र से अलग हो गई और उसके फुफेरे भाई संजू के साथ रहने लगी। दोनों ई-रिक्शा चलाकर अपना गुजारा कर रहे थे। पुलिस का मानना है कि इसी रिश्ते को लेकर आरोपी और आरती के बीच तनाव बढ़ता गया।
घटना वाले दिन क्या हुआ, पुलिस कर रही हर पहलू की जांच
पुलिस के मुताबिक, 1 जुलाई को ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र में स्थित किराये के कमरे में यह घटना हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना से पहले रेलवे स्टेशन के पास तीनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद सभी कमरे पर पहुंचे, जहां फिर से बहस शुरू हो गई। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी पता चला है कि घटना से पहले आरती ने अपने भाई को फोन कर खुद को खतरा होने की बात बताई थी। फिलहाल पुलिस कॉल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद अदालत में मजबूत साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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