42 डिग्री की गर्मी में 16 किलोमीटर की दौड़, फिर अचानक एक-एक कर गिरने लगीं ट्रेनी कांस्‍टेबल; ट्रेनिंग सेंटर में मचा हड़कंप

बिहार के रोहतास जिले में पुलिस प्रशिक्षण के दौरान एक चिंताजनक घटना सामने आई है। डेहरी स्थित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) प्रशिक्षण केंद्र में महिला प्रशिक्षु सिपाहियों की नियमित ट्रेनिंग चल रही थी। इसी दौरान उन्हें लंबी दूरी की दौड़ पूरी करनी थी। तेज धूप और भीषण गर्मी के बीच जैसे-जैसे दौड़ आगे बढ़ी, कई महिला प्रशिक्षुओं की तबीयत खराब होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ प्रशिक्षुओं को चक्कर आने लगे, जबकि कई जमीन पर गिर पड़ीं। देखते ही देखते पूरे प्रशिक्षण केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिकारियों को तुरंत मेडिकल सहायता बुलानी पड़ी।

11 प्रशिक्षु अस्पताल पहुंचीं, 4 की हालत ज्यादा गंभीर

घटना के बाद सभी प्रभावित महिला प्रशिक्षुओं को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि कुल 11 प्रशिक्षु सिपाहियों की तबीयत बिगड़ी थी। इनमें से कुछ की हालत सामान्य थी, लेकिन चार प्रशिक्षुओं की स्थिति ज्यादा गंभीर बताई गई। गंभीर हालत वाली प्रशिक्षुओं को बेहतर इलाज के लिए सासाराम के सदर अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने बताया कि सभी मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने भी विशेष व्यवस्था की ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। राहत की बात यह रही कि समय पर इलाज मिलने से सभी प्रशिक्षुओं की हालत नियंत्रण में बताई जा रही है।

गर्मी और ज्यादा शारीरिक मेहनत बनी वजह

डॉक्टरों के अनुसार, इस घटना के पीछे भीषण गर्मी और लंबे समय तक शारीरिक मेहनत मुख्य कारण हो सकते हैं। जिस समय दौड़ कराई जा रही थी, उस दौरान तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास था और उमस भी काफी ज्यादा थी। ऐसी स्थिति में शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे हीट स्ट्रोक, कमजोरी, चक्कर और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अस्पताल में भर्ती कई प्रशिक्षुओं ने सीने में दर्द, सांस फूलने, पेट दर्द और अत्यधिक थकान की शिकायत की। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में कठिन शारीरिक प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

यह पहली बार नहीं है जब इस प्रशिक्षण केंद्र में ऐसी घटना हुई हो। कुछ दिन पहले भी लंबी दूरी की दौड़ के दौरान कई पुरुष प्रशिक्षु सिपाहियों की तबीयत बिगड़ गई थी। उस घटना में एक प्रशिक्षु की इलाज के दौरान मौत भी हो गई थी। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती प्रशिक्षुओं का हाल जाना और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, अब यह चर्चा भी तेज हो गई है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बदलाव और अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

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