आखिर किसके दबाव में नहीं दर्ज हुई FIR? खान सर पर गंभीर आरोपों के बीच थाने में बैठ गए रौशन आनंद

पटना में चर्चित शिक्षक खान सर को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद ने आरोप लगाया है कि जब वह खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने कदमकुआं थाना पहुंचे तो पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। इस घटना के बाद उन्होंने थाने के बाहर ही बैठकर विरोध जताया और कहा कि जब तक उनकी शिकायत दर्ज नहीं होगी, तब तक वह वहां से नहीं हटेंगे। रौशन आनंद ने दावा किया कि उनके साथ न्याय नहीं किया जा रहा है और पुलिस किसी दबाव में काम कर रही है। इस मामले ने पटना में एक नई बहस को जन्म दे दिया है, क्योंकि आरोप सीधे राज्य के चर्चित शिक्षक खान सर पर लगाए गए हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।

भाई की मौत को लेकर लगाए गंभीर आरोप, बोले- न्याय चाहिए

रौशन आनंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके भाई प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उनका आरोप है कि इस पूरे मामले के पीछे एक बड़ी साजिश है और उन्होंने सीधे तौर पर खान सर पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पहले उन्हें झूठे मामले में जेल भिजवाया गया और अब उनके भाई की मौत के मामले में भी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो उनके भाई को कभी न्याय नहीं मिल पाएगा। रौशन आनंद ने यह भी बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है, लेकिन वह चाहते हैं कि पुलिस पहले उनकी शिकायत दर्ज करे और उसके बाद निष्पक्ष जांच आगे बढ़ाई जाए।

पुलिस और अधिकारियों पर उठाए सवाल, आईजी से मिलने पहुंचे

रौशन आनंद ने दावा किया कि उन्होंने इस मामले में कई वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की। उनके अनुसार, उन्होंने एसएसपी से फोन पर बात करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद वह आईजी कार्यालय भी पहुंचे, हालांकि उस समय मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में सेंट्रल आईजी जितेंद्र राणा ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया, जिसके बाद थाने के बाहर की स्थिति सामान्य हुई। रौशन आनंद का कहना है कि यदि पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच करेगी तो सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि इस मामले को गंभीरता से उठाया जाए ताकि किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय पाने के लिए संघर्ष न करना पड़े। फिलहाल पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है और जांच प्रक्रिया जारी रहने की बात कही जा रही है।

जांच जारी, आरोपों की पुष्टि अभी बाकी

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और प्रिंस यादव की मौत की आधिकारिक रिपोर्ट भी सामने नहीं आई है। ऐसे में रौशन आनंद द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि किसी जांच एजेंसी ने नहीं की है। दूसरी ओर, खान सर की ओर से भी इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए मामले को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच में जुटी हैं। आने वाले दिनों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य पहलुओं के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल यह विवाद बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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