Eid-ul-Adha 2026 के मौके पर ईरान की ओर से जारी किए गए संदेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है। क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच ईरान के नेताओं ने मुस्लिम देशों से एकजुट रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मौजूदा समय पश्चिम एशिया के लिए बेहद संवेदनशील है और ऐसे हालात में मुस्लिम देशों के बीच सहयोग पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि शांतिप्रिय मुस्लिम नेता बातचीत और आपसी सहयोग के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अराघची ने यह भी कहा कि इतिहास इस समय को याद रखेगा, क्योंकि कई देश शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में लगातार तनाव बना हुआ है और कई देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
“इतिहास इस एकता को याद रखेगा” – अराघची का बड़ा बयान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का संदेश सिर्फ ईद की शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसमें क्षेत्रीय राजनीति और मुस्लिम देशों की भूमिका को लेकर भी बड़ा संकेत देखने को मिला। उन्होंने कहा कि इस कठिन दौर में मुस्लिम देशों को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने की जरूरत है। अराघची ने अपने संदेश में यह भी कहा कि शांति की दिशा में बढ़ने वाले देशों और नेताओं का प्रयास भविष्य में मिसाल के रूप में देखा जाएगा। उन्होंने सभी मुसलमानों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह त्योहार त्याग, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। सोशल मीडिया पर उनके इस पोस्ट को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कई लोग इसे क्षेत्रीय देशों के लिए एक कूटनीतिक संदेश मान रहे हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान इस समय मुस्लिम देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों के बीच यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।
ईरानी राष्ट्रपति ने भी मुस्लिम देशों से साथ आने की अपील की
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी ईद-उल-अजहा के मौके पर कई देशों के नेताओं को शुभकामनाएं भेजीं। उन्होंने इराक, ओमान, कतर, तुर्की, ताजिकिस्तान, मिस्र, किर्गिस्तान और अजरबैजान के नेताओं से बातचीत के दौरान मुस्लिम देशों के बीच एकता बढ़ाने पर जोर दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि ईद-उल-अजहा केवल धार्मिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह त्याग, विश्वास और आपसी सहयोग का प्रतीक भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अल्लाह सभी मुसलमानों के दिलों को करीब लाए और दुनिया भर के मुस्लिम देश हर मुश्किल समय में एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े रहें। पेजेश्कियान ने कहा कि इस्लामी देशों के बीच मजबूत रिश्ते क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए बेहद जरूरी हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में कई मुद्दों को लेकर राजनीतिक तनाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान लगातार कूटनीतिक स्तर पर मुस्लिम देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
भारत में ईरानी दूतावास का खास संदेश भी बना चर्चा का विषय
ईद-उल-अजहा के मौके पर भारत में मौजूद Embassy of Iran in India ने भी एक विशेष संदेश जारी किया। दूतावास ने भारत सरकार और भारतीय जनता को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र किया। संदेश में खास तौर पर भारतीय मुस्लिम समुदाय को ईद की मुबारकबाद दी गई और कामना की गई कि यह त्योहार सभी के जीवन में शांति, खुशहाली और समृद्धि लेकर आए। दूतावास ने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच दोस्ती और सांस्कृतिक जुड़ाव लंबे समय से मजबूत रहे हैं और भविष्य में भी यह संबंध और गहरे होंगे। सोशल मीडिया पर इस संदेश को काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। कई लोगों ने इसे दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक बताया। ईद-उल-अजहा के अवसर पर ईरान की ओर से आए इन संदेशों ने साफ कर दिया कि मौजूदा वैश्विक हालात में भी शांति, सहयोग और एकता का संदेश सबसे ज्यादा अहम माना जा रहा है।
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