“चिप से लेकर संस्कृति तक बड़ा दांव…” भारत-कोरिया की बैठक में हुए ऐसे फैसले, जो बदल देंगे व्यापार का भविष्य

भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। आठ साल के लंबे अंतराल के बाद कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को फिर से मजबूती दी है। नई दिल्ली में हुई इस अहम बैठक में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और व्यापक बनाने पर जोर दिया। बातचीत के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि भारत और कोरिया केवल व्यापारिक साझेदार ही नहीं, बल्कि समान सोच और मूल्यों वाले देश हैं। लोकतंत्र, आर्थिक विकास और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर दोनों देशों की सोच काफी मिलती-जुलती है, जो इस साझेदारी को और मजबूत बनाती है।

2030 तक 50 अरब डॉलर का लक्ष्य, कई बड़े फैसले

बैठक के दौरान सबसे बड़ा फैसला दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर लिया गया। फिलहाल भारत और कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 27 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जिसे 2030 तक बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। दोनों देशों ने वित्तीय सहयोग को आसान बनाने के लिए एक विशेष फाइनेंशियल फोरम शुरू करने का फैसला किया है। इसके साथ ही औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक इंडस्ट्रियल कॉपरेशन कमेटी भी बनाई जाएगी। यह फैसले आने वाले वर्षों में व्यापार और निवेश को नई गति देंगे।

तकनीक, डिजिटल और उद्योग में नई साझेदारी

भारत और कोरिया ने केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि तकनीक और उद्योग के क्षेत्र में भी गहरे सहयोग का रोडमैप तैयार किया है। सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईटी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने के लिए “डिजिटल ब्रिज” पहल शुरू की जाएगी। इसके अलावा सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए एक विशेष इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग भी शुरू किया जा रहा है। कोरियाई कंपनियों, खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने हेतु इंडस्ट्रियल टाउनशिप स्थापित करने की योजना है। साथ ही, शिप बिल्डिंग, स्टील और पर्यावरण से जुड़े क्षेत्रों में कई समझौते किए गए हैं, जो औद्योगिक विकास को नई दिशा देंगे।

 संस्कृति और लोगों के बीच रिश्तों को मिलेगा बढ़ावा

आर्थिक और तकनीकी सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों ने सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करने पर जोर दिया है। भारत और कोरिया के बीच हजारों साल पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए दोनों नेताओं ने इसे और आगे बढ़ाने की बात कही। आज भारत में कोरियाई पॉप म्यूजिक और ड्रामा तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, वहीं कोरिया में भी भारतीय सिनेमा और संस्कृति की पहचान बढ़ रही है। इस सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करने के लिए 2028 में “फ्रेंडशिप फेस्टिवल” आयोजित करने की योजना है। इसके अलावा शिक्षा, रिसर्च और पर्यटन के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क और समझ को नई ऊंचाई मिलेगी।

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