ईरान में सत्ता के सबसे बड़े पद को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। देश के लंबे समय तक सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कई पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका के कुछ नेताओं ने इस नियुक्ति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि ईरान में नेतृत्व बदलने से वास्तविक नीतियों में बदलाव नहीं दिख रहा। विश्लेषकों का मानना है कि मुज्तबा खामेनेई लंबे समय से ईरान की सत्ता संरचना के भीतर प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं, इसलिए उनका शीर्ष पद तक पहुंचना पूरी तरह अप्रत्याशित भी नहीं माना जा रहा। हालांकि इस फैसले ने ईरान के भविष्य और क्षेत्रीय राजनीति को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिकी सीनेटर की कड़ी टिप्पणी
मुज्तबा खामेनेई के सुप्रीम लीडर बनने पर अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान देते हुए कहा कि ईरान ने जिस तरह अली खामेनेई के बेटे को उनकी जगह चुना है, वह वह बदलाव नहीं है जिसकी दुनिया को उम्मीद थी। ग्राहम ने यहां तक कह दिया कि यह केवल समय की बात है जब उनका भी वही हश्र हो सकता है जो उनके पिता का हुआ। गौरतलब है कि ग्राहम लंबे समय से ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की वकालत करते रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भी यह सलाह दी थी कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए कैसे तैयार किया जा सकता है। इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चल रहा तनाव और अधिक चर्चा में आ गया है।
ट्रंप ने दिया संतुलित लेकिन सख्त संकेत
इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी सवाल पूछा गया। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर मुज्तबा खामेनेई की नियुक्ति पर टिप्पणी करने से फिलहाल इनकार कर दिया। लेकिन इजरायली मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने संकेत दिया कि ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल मिलकर रणनीति तय करेंगे। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष या हमलों को कब रोका जाएगा, इसका फैसला समय आने पर किया जाएगा और इसमें इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल होंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय वॉशिंगटन का ही होगा। ट्रंप का यह बयान बताता है कि अमेरिका इस मुद्दे पर अपने सहयोगी इजरायल के साथ समन्वय बनाए रखते हुए आगे बढ़ना चाहता है।
इजरायल की चेतावनी
इजरायल की ओर से भी इस नियुक्ति को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने चेतावनी दी कि ईरान में जो भी नेता इजरायल को खत्म करने की नीति अपनाएगा, वह निशाने पर रहेगा। चाहे वह कहीं भी हो या उसका नाम कुछ भी हो, उसे टारगेट बनाया जा सकता है। इजरायली संसद के स्पीकर आमिर ओहाना ने भी इसी तरह की बात दोहराते हुए कहा कि केवल व्यक्ति बदलने से सरकार की सोच नहीं बदलती। उधर, अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व डायरेक्टर डेविड पेट्रियस ने भी इस नियुक्ति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका मानना है कि मुज्तबा खामेनेई अपने पिता की ही तरह सख्त विचारधारा वाले नेता हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या नया नेतृत्व ईरान की विदेश नीति और क्षेत्रीय रणनीति में कोई बदलाव करता है या फिर पुरानी नीति ही जारी रहती है।








