Planetary Parade 2026:आज शाम सूर्यास्त के बाद आसमान में एक बेहद खास और दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। इसे प्लेनेटरी परेड कहा जाता है। आसान शब्दों में समझें तो जब सौरमंडल के कई ग्रह पृथ्वी से देखने पर एक ही दिशा में और लगभग एक कतार में दिखाई देते हैं, तो इस दृश्य को प्लेनेटरी परेड कहते हैं। असल में अंतरिक्ष में ग्रह एक सीधी लाइन में नहीं होते, लेकिन पृथ्वी से देखने पर वे एक ही तरफ सजे हुए नजर आते हैं। इस बार कुल छह ग्रह एक साथ दिखाई देंगे, जो खगोल प्रेमियों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है। ऐसी घटनाएं रोज-रोज नहीं होतीं, इसलिए इसे खास माना जा रहा है। साफ आसमान होने पर भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में लोग इस अद्भुत नजारे को देख सकेंगे।
कौन-कौन से ग्रह दिखेंगे और कब देखें?
इस खास खगोलीय घटना में बुध, शुक्र, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून शामिल रहेंगे। यह नजारा सूर्यास्त के लगभग 30 मिनट बाद साफ तौर पर दिखाई देना शुरू होगा। देखने के लिए लोगों को पश्चिम दिशा की ओर नजर डालनी होगी। शुक्र ग्रह सबसे ज्यादा चमकीला रहेगा और पश्चिमी क्षितिज के पास साफ नजर आएगा। बुध भी क्षितिज के काफी करीब रहेगा, इसलिए उसे देखने के लिए साफ आसमान जरूरी होगा। बृहस्पति और शनि थोड़े ऊपर की ओर चमकते हुए दिखेंगे। वहीं यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए दूरबीन या टेलीस्कोप की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि वे नंगी आंखों से साफ दिखाई नहीं देते। इस बार मंगल ग्रह इस परेड का हिस्सा नहीं है, इसलिए इसे छह ग्रहों की परेड कहा जा रहा है।
ग्रह और तारे में क्या फर्क है, कैसे पहचानें?
बहुत से लोग यह सोचते हैं कि आसमान में दिखने वाली हर चमकती चीज तारा ही होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। ग्रह और तारे में एक आसान फर्क है। तारे टिमटिमाते हैं, जबकि ग्रह स्थिर रोशनी के साथ चमकते हैं। आज की परेड में बृहस्पति अपनी तेज चमक के कारण आसानी से पहचाना जा सकेगा। यह दक्षिण दिशा की ओर ओरायन नक्षत्र के आसपास दिखाई दे सकता है। शुक्र इतना चमकीला होगा कि उसे पहचानना आसान रहेगा। अगर शहर में रोशनी ज्यादा है तो किसी ऊंची इमारत की छत या खुले मैदान में जाकर देखना बेहतर रहेगा। जितना अंधेरा आसमान होगा, उतना साफ दृश्य मिलेगा। जिन लोगों के पास टेलीस्कोप है, उनके लिए यह अनुभव और भी शानदार हो सकता है, क्योंकि वे यूरेनस और नेपच्यून जैसे दूर के ग्रह भी देख सकेंगे।
क्या बरतनी चाहिए सावधानी और क्यों खास है यह मौका?
खगोल विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि ग्रहों को देखने की कोशिश तभी करें जब सूर्य पूरी तरह डूब चुका हो। सूर्यास्त के समय सीधे सूरज की ओर देखना आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए थोड़ी देर इंतजार करें और फिर पश्चिमी आसमान की ओर देखें। जिन इलाकों में मौसम साफ रहेगा, वहां यह नजारा ज्यादा स्पष्ट दिखेगा। बादल या धुंध होने पर दृश्य धुंधला हो सकता है। ऐसी प्लेनेटरी परेड बार-बार नहीं होती, इसलिए यह खगोल प्रेमियों और छात्रों के लिए सीखने का शानदार मौका है। इससे सौरमंडल की संरचना को समझने में मदद मिलती है। अगर आप आज शाम आसमान की ओर नजर उठाते हैं, तो आप भी इस दुर्लभ खगोलीय घटना का हिस्सा बन सकते हैं। यह प्रकृति का ऐसा नजारा है, जो हमें ब्रह्मांड की विशालता और सुंदरता का एहसास कराता है।
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