Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। तेज आंधी और तूफानी हवाओं के बीच जल जीवन मिशन के तहत बनाई जा रही एक बड़ी पानी की टंकी अपनी जगह से उखड़कर दूर जा गिरी। बताया जा रहा है कि स्टील से बनी यह निर्माणाधीन संरचना तेज हवा का दबाव नहीं झेल सकी और करीब 100 मीटर दूर जाकर गिर गई। घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और इस दृश्य को देखकर हर कोई हैरान रह गया। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस दौरान आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
3.80 करोड़ रुपये की परियोजना पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, यह पानी की टंकी जल जीवन मिशन योजना के तहत बनाई जा रही थी और इसकी लागत लगभग 3 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। पिछले चार वर्षों से इस परियोजना पर काम चल रहा था। हादसे के दौरान केवल टंकी ही नहीं गिरी, बल्कि परिसर की बाउंड्रीवाल का करीब 50 मीटर हिस्सा भी ढह गया। इतनी बड़ी और महंगी संरचना का तेज हवा में क्षतिग्रस्त हो जाना अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण मजबूत और मानकों के अनुसार किया गया होता तो केवल आंधी के कारण इतनी बड़ी संरचना का गिरना संभव नहीं था।
ग्रामीणों ने की जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि परियोजना सुरक्षित नहीं है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कई लोगों ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि यह हादसा आबादी वाले इलाके में हुआ होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
अधिकारियों ने शुरू की जांच
हादसे की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग और जल निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। अधिकारियों ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज आंधी को हादसे की वजह माना जा रहा है, लेकिन निर्माण गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी। यह घटना हर्रैया तहसील के परशुरामपुर क्षेत्र के शंकरपुर गांव की बताई जा रही है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा केवल प्राकृतिक कारणों से हुआ या निर्माण में किसी तरह की लापरवाही भी शामिल थी।







