भारत और अमेरिका के बीच होने वाली अंतरिम ट्रेड डील अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच गई है। अमेरिका के भारत में राजदूत Sergio Gor ने कहा है कि समझौते का करीब 99 फीसदी काम पूरा हो चुका है और अब सिर्फ कुछ जरूरी मुद्दों पर अंतिम सहमति बननी बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में इस समझौते की आधिकारिक घोषणा हो सकती है। इस खबर के बाद व्यापार जगत और उद्योगों में उत्साह का माहौल है, क्योंकि इस डील से दोनों देशों के बीच कारोबार को नया बढ़ावा मिल सकता है।
अगले सप्ताह भारत आएगी अमेरिकी टीम
समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल 1 से 4 जून के बीच नई दिल्ली पहुंचेगा। यहां दोनों देशों के अधिकारी बची हुई बातों पर चर्चा करेंगे। इससे पहले भारतीय अधिकारियों की टीम भी अमेरिका जाकर बातचीत कर चुकी है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद समझौते को लेकर तस्वीर और साफ हो जाएगी। दोनों देश चाहते हैं कि व्यापार से जुड़े कई मुद्दों का समाधान जल्द निकाला जाए ताकि कारोबार को और आसान बनाया जा सके।
व्यापार के साथ तकनीक और निवेश पर भी जोर
भारत और अमेरिका सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), दवा उद्योग, ऊर्जा और डिजिटल क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। पिछले 20 सालों में दोनों देशों के बीच व्यापार कई गुना बढ़ा है। यही वजह है कि दोनों देश अपने आर्थिक रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता निवेश बढ़ाने और नए रोजगार के अवसर पैदा करने में भी मदद कर सकता है।
किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों पर भारत की नजर
हालांकि बातचीत अंतिम दौर में है, लेकिन भारत कुछ मुद्दों पर सावधानी बरत रहा है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी भी समझौते से देश के किसानों और छोटे उद्योगों को नुकसान न हो। इसलिए भारत हर प्रस्ताव को ध्यान से परख रहा है। दूसरी ओर अमेरिका भी इस डील को जल्द पूरा करना चाहता है। अगर सभी मुद्दों पर सहमति बन जाती है, तो यह समझौता भारत और अमेरिका के आर्थिक रिश्तों को और मजबूत बना सकता है। अब सभी की नजर अगले दौर की बातचीत और अंतिम घोषणा पर टिकी हुई है।
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