Sunday, March 1, 2026

तीन दशक का अंत! खामेनेई की मौत के बाद ईरान में मचा हड़कंप, अब कौन संभालेगा सत्ता?

ईरान से एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरानी मीडिया, खासकर सरकारी चैनल प्रेस टीवी, ने दावा किया है कि देश के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना हालिया अमेरिका-इजरायल हमलों के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि हमले में उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी मारे गए हैं। हालांकि इन खबरों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ईरान के अंदर माहौल बेहद तनावपूर्ण बताया जा रहा है। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सरकारी संस्थानों को अलर्ट पर रखा गया है।

40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित

खामेनेई की मौत की खबर के बीच ईरान सरकार ने पूरे देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान सरकारी कार्यक्रम सीमित रहेंगे और कई सांस्कृतिक गतिविधियों को स्थगित कर दिया गया है। मस्जिदों और धार्मिक स्थलों पर विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जा रही हैं। सड़कों पर काले झंडे लगाए गए हैं और सरकारी इमारतों पर झंडे झुका दिए गए हैं। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। खामेनेई पिछले तीन दशकों से अधिक समय से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और देश की राजनीति, विदेश नीति और सेना पर उनका सीधा प्रभाव था। ऐसे में उनकी मौत को ईरान के लिए एक बड़े युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।

अब कौन संभालेगा सत्ता?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि खामेनेई के बाद ईरान की सत्ता किसके हाथ में जाएगी। ईरान के संविधान के अनुसार, सुप्रीम लीडर का चयन विशेषज्ञों की एक संस्था करती है, जिसे “असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स” कहा जाता है। यह संस्था नए सर्वोच्च नेता का चुनाव करेगी। तब तक देश की बागडोर अस्थायी रूप से एक अंतरिम व्यवस्था के तहत चलाई जा सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला ईरान की आंतरिक राजनीति और क्षेत्रीय संतुलन पर गहरा असर डालेगा। सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड की भूमिका भी इस दौरान अहम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या ईरान में सत्ता परिवर्तन शांतिपूर्ण तरीके से होता है या फिर किसी तरह का अंदरूनी संघर्ष सामने आता है।

मध्य-पूर्व में बढ़ सकता है तनाव

खामेनेई की मौत की खबर ऐसे समय आई है जब पहले से ही अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। अगर यह खबर पूरी तरह सही साबित होती है तो इसका असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ सकती है। तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीतिक रिश्तों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद अहम होंगे, क्योंकि सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया ही आगे की दिशा तय करेगी। फिलहाल दुनिया की नजरें तेहरान पर टिकी हुई हैं, जहां हर पल हालात बदल रहे हैं।

Read More-दक्षिणी ईरान में 57 स्कूली छात्राओं की मौत! इजरायल-अमेरिका हमले के बाद मिडिल ईस्ट में जंग जैसे हालात

Hot this week

खामेनेई की मौत ने सुलगा दिया कश्मीर! लाल चौक पर जोरदार प्रदर्शन

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में स्थित ऐतिहासिक लाल चौक उस...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img