ईरान तनाव के बीच ट्रंप ने उठाया ये बड़ा कदम, व्हाइट हाउस में लगे हाई-लेवल मीटिंग्स

ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपनी नियमित वीकेंड छुट्टियां रद्द कर दी हैं। व्हाइट हाउस से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रंप अब सप्ताहांत में भी व्हाइट हाउस में रहकर उच्चस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। राष्ट्रपति का यह कदम विशेष रूप से ईरान के साथ सैन्य और कूटनीतिक हालात को देखते हुए उठाया गया है।

राष्ट्रपति ट्रंप की योजना है कि वह देश की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर गहन चर्चा करें और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत निर्णय ले सकें। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ट्रंप का कहना है कि “देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस समय कोई भी समय गंवाया नहीं जा सकता।”

1.5 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा बजट प्रस्ताव

इस बीच ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को अगले वित्तीय वर्ष के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 125 लाख करोड़ रुपये) के रक्षा बजट का प्रस्ताव भेजा है। यह बजट पिछले साल की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत अधिक है और माना जा रहा है कि इसका मुख्य कारण ईरान के साथ बढ़ता सैन्य तनाव है।

यह प्रस्ताव पेंटागन के खर्च में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी वृद्धि का संकेत देता है। यदि यह बजट मंजूर हो जाता है तो अमेरिका की सैन्य तैयारियों और हथियारों के आधुनिकीकरण में यह एक बड़ा कदम साबित होगा। बजट में नई तकनीक, हथियारों की खरीद, और सेना के आधुनिकीकरण के लिए विशेष फंड आवंटित किया गया है।

कानून व्यवस्था और गैर-रक्षा खर्च पर भी फोकस

व्हाइट हाउस द्वारा जारी बजट प्रस्ताव के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने गैर-रक्षा खर्च में करीब 73 अरब डॉलर (लगभग 10 प्रतिशत) की कटौती करने की मांग भी की है। इसका उद्देश्य गैर-जरूरी और विवादास्पद कार्यक्रमों को बंद करना और जिम्मेदारियों को राज्यों और स्थानीय सरकारों को सौंपना बताया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। इसका लक्ष्य केवल रक्षा खर्च बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक दक्षता को भी मजबूत करना है। इससे अमेरिका के संघीय और राज्य स्तर पर खर्च और संसाधनों का बेहतर वितरण हो सकेगा।

कांग्रेस की मंजूरी जरूरी, चर्चा जल्द शुरू

हालांकि यह बजट प्रस्ताव अभी कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है और इसे लागू करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी जरूरी है। आने वाले हफ्तों में कांग्रेस में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, जहां सांसद प्रस्ताव के हर पहलू पर विचार करेंगे।

ईरान के साथ तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों में यह प्रस्ताव अमेरिकी सुरक्षा नीतियों में बदलाव और तेजी का संकेत देता है। ट्रंप प्रशासन ने साफ कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी परिस्थितियों में देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।

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