क्या अब खत्म होने वाली है तेल संकट की चिंता? ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बताई बड़ी बात

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस समुद्री रास्ते को लेकर जितनी चिंता जताई जा रही थी, वास्तव में हालात उतने खराब नहीं थे। ट्रंप का दावा है कि पिछले कई महीनों से इस रास्ते से जहाज लगातार गुजर रहे हैं और तेल की सप्लाई भी जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस पूरे क्षेत्र पर नजर रखी हुई थी, जिसके कारण वैश्विक तेल बाजार में कोई बड़ा संकट नहीं आया। ट्रंप के मुताबिक दुनिया को इसकी पूरी जानकारी नहीं थी, लेकिन इस दौरान करोड़ों बैरल तेल इसी रास्ते से भेजा गया।

कब पूरी तरह सामान्य होगा रास्ता?

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सामान्य हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी हो सकती है। उनके अनुसार समझौते के बाद जहाजों की आवाजाही पर लगी सभी तरह की रुकावटें खत्म हो जाएंगी और समुद्री व्यापार पहले की तरह सुचारु रूप से चलने लगेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि यह समझौता क्षेत्र में तनाव कम करने में मदद करेगा और दुनिया भर के देशों को राहत मिलेगी। खास तौर पर उन देशों को फायदा होगा जो तेल और गैस की सप्लाई के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं।

अमेरिकी सेना की भूमिका का भी किया जिक्र

अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि पिछले कुछ समय से अमेरिकी सेना इस इलाके में लगातार सक्रिय रही है। उन्होंने दावा किया कि कई सैन्य अभियान ऐसे थे जिनकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी। उनके अनुसार इन कार्रवाइयों का मकसद समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखना था ताकि तेल और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई प्रभावित न हो। ट्रंप का कहना है कि इसी वजह से तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अगर यह प्रयास नहीं किए जाते तो वैश्विक बाजार में स्थिति काफी अलग हो सकती थी।

दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। सऊदी अरब, कतर, कुवैत, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े तेल उत्पादक देश अपने तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचाते हैं। इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव या रुकावट सीधे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजार को प्रभावित कर सकती है। ट्रंप का कहना है कि प्रस्तावित समझौता न सिर्फ तेल व्यापार को आसान बनाएगा, बल्कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने में भी मदद करेगा। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि यह समझौता कब पूरा होता है और इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट में हालात कितनी तेजी से सामान्य होते हैं।

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