उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक उस समय एक अनचाही स्थिति में फंस गए जब उनकी दिल्ली से लखनऊ आ रही इंडिगो फ्लाइट को खराब मौसम के कारण लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरने में दिक्कत आने लगी। जानकारी के अनुसार, लखनऊ में तेज हवाएं चल रही थीं और विजिबिलिटी भी काफी कम थी। इसी वजह से पायलट ने विमान को लैंड कराने की कोशिश की, लेकिन लगातार तीन बार प्रयास असफल रहे। इस दौरान विमान हवा में ही चक्कर लगाता रहा, जिससे यात्रियों के बीच थोड़ी देर के लिए चिंता का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए अंत में विमान को डायवर्ट करने का फैसला लिया गया।
तीन बार लैंडिंग फेल, फिर लिया गया डायवर्जन का फैसला
लखनऊ एयरपोर्ट पर तीन असफल लैंडिंग प्रयासों के बाद पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के बीच समन्वय कर विमान को दूसरे सुरक्षित एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया। तय किया गया कि अब विमान को भोपाल एयरपोर्ट पर उतारा जाएगा। इस दौरान विमान में सवार दोनों उपमुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित रहे। उड़ान दल ने यात्रियों को स्थिति के बारे में लगातार जानकारी दी ताकि किसी तरह की घबराहट न हो। अंततः विमान ने भोपाल में सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली।
भोपाल में सुरक्षित लैंडिंग
डायवर्ट किए जाने के बाद विमान मध्य प्रदेश के भोपाल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। यहां केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत सभी यात्री सुरक्षित विमान से बाहर आए। एयरपोर्ट पर सामान्य सुरक्षा व्यवस्था के बीच यात्रियों को उतारा गया और आगे की यात्रा की व्यवस्था पर चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि मौसम की स्थिति सुधरने तक लखनऊ के लिए उड़ान को रोक दिया गया था। प्रशासन और एयरलाइन दोनों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी।
विमान सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर विमान संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि यह घटना मौसम की वजह से हुई, लेकिन हाल के वर्षों में विमान सेवाओं से जुड़े कई मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ाई है। पहले भी संसद में बताया गया था कि कई एयरलाइनों के विमानों में बार-बार तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं और उनकी जांच की गई थी। उस रिपोर्ट में अलग-अलग एयरलाइनों के कई विमानों में खामियां पाई गई थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम, तकनीकी स्थिति और ऑपरेशन मैनेजमेंट तीनों मिलकर उड़ानों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। फिलहाल इस घटना में सभी यात्री सुरक्षित हैं, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।
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