राम मंदिर की जांच में बड़ा खुलासा! सिर्फ 42 दिनों में 70 बार हुई चोरी, SIT को मिले चौंकाने वाले सबूत

अयोध्या के Ram Mandir में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण बातें पता चली हैं। सूत्रों के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच यानी करीब 42 दिनों की अवधि में लगभग 70 बार कथित चोरी या गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई शुरू की गई। हालांकि, पूरे मामले की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। फिलहाल यह मामला लगातार जांच के दायरे में है और संबंधित एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं।

CCTV फुटेज और रिकॉर्ड में मिली कई कमियां

जांच के दौरान एसआईटी ने 27 अप्रैल से 5 जून तक की सीसीटीवी फुटेज को ध्यान से देखा। सूत्रों के मुताबिक, फुटेज और रिकॉर्ड की जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने जांच को नई दिशा दी। इसके अलावा दान और चढ़ावे की गिनती से जुड़े रिकॉर्ड में भी कई कमियां मिलीं। जांच टीम को यह भी पता चला कि नकदी की गिनती और उसके रखरखाव की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित नहीं थी। शुरुआती जांच में रिकॉर्ड संभालने की व्यवस्था कमजोर मिली और निगरानी की जिम्मेदारी भी स्पष्ट नहीं पाई गई। इन कारणों से जांच टीम ने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

ऑडिट रिपोर्ट में भी मिले सुधार के संकेत

एसआईटी ने सिर्फ मौजूदा रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट भी देखी। जांच के दौरान वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की रिपोर्टों में कुछ ऐसी कमियां सामने आईं, जिन पर पहले से सुधार की जरूरत बताई गई थी। सूत्रों के अनुसार, हुंडियों की संख्या और रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। इसके अलावा कई जगह पर्याप्त सीसीटीवी कवरेज नहीं था और सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह मजबूत नहीं मिली। हालांकि, जांच टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर चल रहे कई दावे और अफवाहें जांच में सही नहीं पाई गईं। इसलिए केवल आधिकारिक जांच रिपोर्ट पर ही भरोसा करने की सलाह दी जा रही है।

आठ गिरफ्तार, इस्तीफों से भी बढ़ी चर्चा

जांच के आधार पर राम मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। इन पर चोरी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसी बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबर भी सामने आई, जिससे पूरे मामले की चर्चा और तेज हो गई। हालांकि, उनके इस्तीफे को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार है। अब सभी की नजर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर है, क्योंकि उसी के आधार पर तय होगा कि आगे किन लोगों पर कार्रवाई होगी और जांच किस दिशा में बढ़ेगी।

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