Mathura News: उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद को लेकर शनिवार यानी 9 अगस्त को माहौल गर्म है। संतों की ओर से कारसेवा के ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। वहीं, विवाद से जुड़े दोनों पक्षों के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई स्थानीय वार्ता में कोई समाधान नहीं निकल सका। अब दोनों पक्षों के बीच अगली बातचीत 18 अगस्त को होनी है। इस बीच संतों के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और आयोजकों के अलग-अलग रुख सामने आ रहे हैं।
दोनों पक्षों की बातचीत में नहीं बनी सहमति
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच स्थानीय स्तर पर बातचीत हुई। यह बैठक अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) की अदालत में हुई, जहां दोनों पक्षों ने अपना पक्ष रखा। हालांकि बातचीत किसी समझौते तक नहीं पहुंच पाई। अधिवक्ताओं के मुताबिक, अब अगली बैठक 18 अगस्त को होगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर 12 अगस्त को सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में स्थानीय बातचीत और अदालत की कार्यवाही, दोनों पर लोगों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
कारसेवा के ऐलान के बाद पुलिस ने बढ़ाई सख्ती
संतों की ओर से 9 अगस्त को कारसेवा का कार्यक्रम घोषित किए जाने के बाद मथुरा में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने कार्यक्रम से जुड़े कई लोगों को नोटिस जारी कर उनसे इसमें शामिल नहीं होने को कहा है। इनमें साध्वी ऋतंभरा, देवकीनंदन ठाकुर, स्वामी कृष्णानंद महाराज और धर्म रक्षासंघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ समेत कई नाम शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस की ओर से संभावित भीड़ और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था प्रभावित न हो और विवादित स्थल के आसपास कोई तनाव पैदा न हो।
आयोजकों का दावा- तय कार्यक्रम के मुताबिक होगा आयोजन
पुलिस की ओर से नोटिस दिए जाने के बावजूद धर्म रक्षासंघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा है कि संत अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेंगे। उनका कहना है कि वृंदावन से बड़ी संख्या में साधु-संत और समर्थक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंच सकते हैं। उन्होंने प्रशासन की ओर से जारी नोटिस पर भी असहमति जताई है। हालांकि, चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद ने अलग जानकारी दी है। उनके मुताबिक संत चित्रगुप्त पीठ पहुंचेंगे और वहां पूजा, यज्ञ व हवन जैसे कार्यक्रम करेंगे, लेकिन जन्मभूमि की ओर जाने की योजना नहीं है। इस अलग-अलग जानकारी के कारण प्रशासन की तैयारियां और भी महत्वपूर्ण हो गई हैं।
मंदिर निर्माण को लेकर पत्थरों का भी किया गया इंतजाम
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर राजस्थान से गुलाबी पत्थर मंगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। बताया गया है कि करीब 5,000 मीट्रिक टन पत्थरों का ऑर्डर दिया गया है। आयोजकों की ओर से इसे मंदिर निर्माण की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में अयोध्या की तरह आंदोलन की बात भी कही जा रही है। अब सभी की नजर 9 अगस्त के कार्यक्रम, पुलिस की कार्रवाई और 12 अगस्त को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है। इसके बाद 18 अगस्त की स्थानीय वार्ता भी इस विवाद में आगे की दिशा तय करने में अहम हो सकती है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है।
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