वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गो माता और सनातन धर्म की रक्षा के मुद्दे पर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि 11 मार्च को लखनऊ में ‘धर्म युद्ध’ का शंखनाद किया जाएगा। यह कार्यक्रम सीएम योगी आदित्यनाथ को दी गई 40 दिन की चेतावनी पूरी होने के बाद आयोजित होगा। रविवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि 6 मार्च को वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर काशी से लखनऊ के लिए यात्रा शुरू होगी। यात्रा की शुरुआत बड़े भगवान चिंता गणेश के पूजन से होगी और संकट मोचन मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ के बाद काफिला आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि गो माता के संरक्षण और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए है।
यात्रा का पूरा रूट और कार्यक्रम की तैयारी
शंकराचार्य ने यात्रा की पूरी रूपरेखा भी साझा की। 7 मार्च को यात्रा जौनपुर और सुल्तानपुर होते हुए रायबरेली पहुंचेगी, जहां सभा और रात्रि विश्राम होगा। 8 मार्च को रायबरेली से मोहनलालगंज, लालगंज और अचलगंज होते हुए उन्नाव में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 9 मार्च को यात्रा बांगरमऊ और बघौली से होते हुए नैमिषारण्य पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम तय है। 10 मार्च को नैमिषारण्य से सिधौली और इटौंजा के रास्ते लखनऊ पहुंचकर विश्राम किया जाएगा। 11 मार्च को शीतला अष्टमी के दिन दोपहर 2:15 बजे से शाम 5 बजे तक कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल, पासी किला चौराहा, आशियाना में विद्वानों और समर्थकों की सभा होगी। इसी मंच से गौ ध्वज प्रतिष्ठा और धर्म युद्ध की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो भी गो माता की रक्षा के लिए आना चाहते हैं, वे इसमें भाग लें।
सरकार को चेतावनी और आंदोलन का उद्देश्य
शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने पहले ही प्रदेश सरकार को 40 दिन का समय दिया था। उनकी मांग है कि गो माता को राज्य माता घोषित किया जाए और बीफ निर्यात पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि यह केवल धार्मिक मामला नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य शांति और समाज में जागरूकता फैलाना है। इस घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई संगठनों ने इस कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
ईरान-इजरायल युद्ध पर बयान, विदेशों में फंसे भारतीयों की चिंता
प्रेस वार्ता के दौरान शंकराचार्य ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध पर उन्होंने कहा कि दुनिया में भौतिक युद्ध इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि धर्म युद्ध बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अंदर की ‘गर्मी’ नहीं निकलेगी, तब तक शांति संभव नहीं है। साथ ही उन्होंने विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार से उन्हें सुरक्षित वापस लाने की अपील की। उनके इस बयान ने चर्चा को और व्यापक बना दिया है। फिलहाल सभी की नजर 11 मार्च पर टिकी है, जब लखनऊ में होने वाली सभा के बाद यह स्पष्ट होगा कि यह अभियान किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
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