Mathura News: छत पर चढ़ा व्यक्ति तभी पीछे से बंदरों ने कर दिया हमला, फिर हुआ कुछ ऐसा चली गई जान

Mathura News: मथुरा जिले के फरह थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बंदरों के हमले ने एक व्यक्ति की जान ले ली। पींगरी गांव निवासी अमर सिंह उर्फ भोलू के लिए 24 अप्रैल का दिन सामान्य था, लेकिन कुछ ही पलों में उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। वह अपने घर की छत पर बारिश में भीगे गेहूं को सुखाने के लिए गए थे। इसी दौरान छत पर पहले से मौजूद बंदरों का झुंड अचानक आक्रामक हो गया। बिना किसी चेतावनी के बंदरों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घबरा गए और खुद को संभाल नहीं सके। यह घटना एक सामान्य ग्रामीण जीवन के बीच अचानक आए खतरे की ओर इशारा करती है, जो अब लोगों के लिए गंभीर चिंता का कारण बनती जा रही है।

जान बचाने की कोशिश में हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, बंदरों के अचानक हमले से बचने के लिए अमर सिंह ने भागने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे गिर पड़े। गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई और नाक व मुंह से खून बहने लगा। परिवार के लोग तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत को नाजुक बताया। पिछले दो दिनों से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद शनिवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है और लोग इस तरह की अप्रत्याशित घटनाओं से सहमे हुए हैं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अमर सिंह की मौत के बाद उनके परिवार में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। सबसे दुखद बात यह है कि उनकी बेटी की शादी 10 मई को तय थी, जिसके लिए परिवार तैयारियों में जुटा हुआ था। लेकिन इस हादसे ने सारी खुशियों को पल भर में छीन लिया। अमर सिंह अपने पीछे चार बेटियां और तीन बेटे छोड़ गए हैं, जिनकी जिम्मेदारी अब परिवार पर भारी पड़ रही है। इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ा है, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

बंदरों के बढ़ते आतंक पर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन प्रशासन और वन विभाग ने इस समस्या पर कभी गंभीर ध्यान नहीं दिया। आए दिन बंदरों के हमले की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों के आतंक पर जल्द से जल्द काबू पाया जाए। साथ ही, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी मांग उठाई जा रही है। यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे आगे भी हो सकते हैं।

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