ऐसा लग रहा था कि कोरोना महामारी धीरे-धीरे पीछे छूट रही है। लोग खुले में बिना मास्क घूम रहे थे, अस्पतालों में पहले जैसी भीड़ नहीं थी और जीवन लगभग सामान्य हो गया था। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक नया कोविड वैरिएंट खोजा है, जिसमें स्पाइक प्रोटीन में 70 से 75 म्यूटेशन पाए गए हैं। स्पाइक प्रोटीन वही हिस्सा है जिससे वायरस हमारे शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश करता है। यह वैरिएंट हमारी इम्युनिटी को कुछ हद तक चकमा दे सकता है। म्यूटेशन के कारण यह वायरस शरीर में प्रवेश करने में ज्यादा सक्षम हो सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि शरीर इसे तुरंत पहचान नहीं पाएगा, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
यह वैरिएंट कहाँ और कैसे मिला?
यह नया वैरिएंट पहली बार नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। इसे वैज्ञानिकों ने पहले के वैरिएंट जैसे ओमिक्रॉन से अलग बताया है। इसमें इतने म्यूटेशन हैं कि शरीर की पहले से बनी इम्युनिटी इसे पूरी तरह पहचान नहीं पाती। इसलिए यदि किसी व्यक्ति ने पहले कोविड का संक्रमण झेला हो या वैक्सीन लगवाई हो, तब भी उसे दूसरी बार संक्रमण हो सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि वायरस थोड़ा बदल गया है, इसलिए शरीर इसे तुरंत पहचान नहीं पाता और संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है।
डरने की जरूरत कितनी है?
अब अधिकांश लोगों में हाइब्रिड इम्युनिटी बन चुकी है। यानी वैक्सीन और पहले हुए संक्रमण का असर मिलकर शरीर को कुछ हद तक सुरक्षा देता है। इसके अलावा अस्पतालों में इलाज के तरीके पहले से बेहतर हैं, टेस्टिंग दवाएं आसानी से उपलब्ध हैं और स्वास्थ्य सेवाएं तैयार हैं। इसलिए अगर मामलों में बढ़ोतरी होती है तो उसका प्रभाव पहले जितना खतरनाक नहीं होगा। ज्यादातर लोगों में लक्षण हल्के या मीडियम हो सकते हैं। इनमें बुखार, खांसी, थकान, शरीर में दर्द और हल्की कमजोरी जैसे लक्षण आम हैं। अधिकांश लोग घर पर आराम और सामान्य इलाज से ठीक हो सकते हैं। हालांकि हर किसी के लिए जोखिम समान नहीं है। बुजुर्ग, पहले से कोई बीमारी (जैसे डायबिटीज या हृदय रोग), प्रेग्नेंट महिलाएं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग अभी भी ज्यादा सावधान रहें। इनके लिए संक्रमण गंभीर हो सकता है। कोरोना अब एंडेमिक हो चुका है। यानी यह पूरी तरह खत्म नहीं होगा बल्कि फ्लू की तरह समय-समय पर आएगा। कभी मामलों में बढ़ोतरी होगी और कभी घट जाएगी।
सावधानियां और बचाव
वैक्सीन अभी भी कोविड से बचाव का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। बूस्टर डोज लेने से इम्युनिटी मजबूत रहती है और गंभीर बीमारी होने का जोखिम कम होता है। इसके अलावा यदि किसी में संक्रमण के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत कोविड टेस्ट करवाना चाहिए। यह संक्रमण की जल्दी पहचान और फैलाव को रोकने में मदद करता है। भीड़भाड़ वाली जगहों में मास्क पहनना और हाथ धोना अभी भी जरूरी है। विशेषज्ञ कहते हैं कि व्यक्तिगत सावधानियां और वैक्सीन मिलकर नए वैरिएंट से सुरक्षित रहने में मदद करती हैं।
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