MP News: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने ममता के आंचल और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। सनावद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मलगांव और भोमवाड़ा के बीच स्थित एक खेत में बुधवार की सुबह एक मां ने अपने ही तीन मासूम बच्चों की जान ले ली। इस खौफनाक वारदात की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि बच्चों को कुएं में धकेलने के बाद महिला खुद भी कूद गई, लेकिन तैरना जानने के कारण वह सुरक्षित बाहर निकल आई, जबकि उसके तीन मासूम काल के गाल में समा गए।
हंसते-खेलते संसार में अचानक छाया मातम
मिली जानकारी के अनुसार, खंडवा जिले के पिपलूद क्षेत्र का रहने वाला कालू अपनी पत्नी नानी बाई और बच्चों के साथ मजदूरी के लिए खरगोन आया हुआ था। यहाँ वे करीब 20 अन्य साथियों के साथ गेहूं की कटाई के लिए मलगांव-भोमवाड़ा के बीच डेरा डाले हुए थे। बुधवार की सुबह करीब 7 बजे जब कालू रोज की तरह अपने साथियों के साथ खेत में गेहूं काटने गया था, तब सब कुछ सामान्य था। घर में नानी बाई और उसके तीन बच्चे—4 वर्षीय करण, 2 वर्षीय अर्जुन और मात्र 15 दिन का नवजात शिशु थे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि चंद घंटों बाद यह परिवार बिखर जाएगा। अचानक शोर मचा कि नानी बाई ने अपने बच्चों के साथ कुएं में छलांग लगा दी है।
तैरना जानती थी मां, रस्सी के सहारे बचा ली जान
घटना के चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नानी बाई ने पहले अपने दो बड़े बेटों (करण और अर्जुन) को बेरहमी से कुएं में धकेल दिया। इसके बाद उसने अपने 15 दिन के कलेजे के टुकड़े को सीने से लगाया और खुद भी गहरे पानी में कूद गई। कुएं में गिरने के बाद शायद उसे अपनी गलती का अहसास हुआ या जीवन जीने की जिजीविषा जाग गई। चूंकि वह तैरना जानती थी, उसने पानी में हाथ-पांव मारे और कुएं में लटकी हुई रस्सी और लोहे की सीढ़ी को पकड़ लिया। वह तो मौत के मुंह से बाहर निकल आई, लेकिन पानी की गहराई में डूबे उन तीन मासूमों ने दम तोड़ दिया जिन्हें अपनी मां की बांहों में सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस होना चाहिए था।
पति का बयान: ‘कोई विवाद नहीं, कोई तनाव नहीं’
इस घटना ने पुलिस प्रशासन के सामने भी कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पति कालू पूरी तरह टूट चुका है। कालू का कहना है कि उसका अपनी पत्नी से कोई झगड़ा नहीं हुआ था, न ही घर में किसी तरह का आर्थिक या मानसिक तनाव था। बुधवार की सुबह भी नानी बाई का व्यवहार सामान्य था। ऐसे में एक मां ने अपने ही जिगर के टुकड़ों को मौत के घाट क्यों उतारा, यह पहेली बनी हुई है। क्या महिला किसी गुप्त मानसिक बीमारी से जूझ रही थी या इसके पीछे कोई ऐसा कारण है जो अभी तक सामने नहीं आया है? पुलिस अब कालू के साथ आए अन्य मजदूरों और आसपास के ग्रामीणों के बयान दर्ज कर रही है ताकि सच की तह तक पहुंचा जा सके।
जांच में जुटी पुलिस और क्षेत्र में पसरा सन्नाटा
सनावद थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीनों बच्चों के शवों को कुएं से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी मां नानी बाई को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। इस घटना के बाद पूरे गांव और खेतिहर मजदूरों के बीच दहशत और दुख का माहौल है। 15 दिन के उस नवजात की मौत ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए हैं, जिसने अभी दुनिया को ठीक से देखा भी नहीं था। पुलिस अब इस मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या नानी बाई ने यह कदम किसी बाहरी दबाव में उठाया या यह उसकी मानसिक स्थिति का परिणाम था।
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