उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए बिना नाम लिए उन्हें “ढोंगी बाबा” कहा और उनके दावों पर सवाल उठाए। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जो लोग दूसरों के जीवन के रहस्य बताने का दावा करते हैं, वे अब राम मंदिर से जुड़े कथित घोटाले के आरोपियों के नाम बताने से क्यों बच रहे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
राम मंदिर से जुड़े बयान को लेकर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद का यह बयान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित घोटाले के दोषियों के नाम सार्वजनिक करने से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि ऐसा करने से उनकी जान को खतरा हो सकता है। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने सवाल उठाया कि जब चमत्कार और दिव्य शक्ति का दावा किया जाता है, तो ऐसे मामले में उन दावों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि अगर किसी के पास सच जानने की शक्ति है, तो उसे ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी खुलकर बोलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को भावनाओं के बजाय तथ्यों पर भरोसा करना चाहिए।
संविधान और कानून पर भरोसा करने की अपील
अपने बयान में चंद्रशेखर आजाद ने लोगों से अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में न्याय किसी चमत्कार या पर्ची से नहीं, बल्कि संविधान, कानून और जांच एजेंसियों की कार्रवाई से मिलता है। उनका कहना था कि समाज को वैज्ञानिक सोच अपनानी चाहिए और किसी भी मामले में जांच पूरी होने से पहले किसी चमत्कार या दावे पर विश्वास नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को कानून के दायरे में रहकर अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन किसी भी गंभीर मामले का सच केवल निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है।
बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
चंद्रशेखर आजाद के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे धार्मिक मामलों में अनावश्यक टिप्पणी बता रहे हैं। फिलहाल बागेश्वर धाम या धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है। चंद्रशेखर आजाद पहले भी सामाजिक न्याय, भ्रष्टाचार और दलित अधिकारों जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं। इस बार भी उनका बयान चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग अब बागेश्वर धाम की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।








