उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक परिवार ने जिस युवक को मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया, वह कुछ दिनों बाद जिंदा घर लौट आया। यह घटना अजीतमल क्षेत्र की है। 18 जुलाई को हाईवे के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। पुलिस ने शव की पहचान कराने के लिए उसकी तस्वीरें जारी कीं। इसके बाद एक व्यक्ति ने शव को अपने छोटे भाई कमल सिंह का बताया। इसी पहचान के आधार पर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार ने पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया और घर में शोक का माहौल था।
पत्नी को था भरोसा, पति जिंदा हैं
कमल सिंह की पत्नी सुनीता को शुरू से ही विश्वास नहीं था कि शव उनके पति का है। कमल सिंह के पास मोबाइल नहीं था, लेकिन वह एक जान-पहचान वाले के फोन से पत्नी से बात कर लेते थे। सुनीता ने उसी नंबर पर कॉल किया। फोन कमल सिंह ने ही उठाया। जब उन्हें पता चला कि परिवार ने उन्हें मृत मानकर अंतिम संस्कार भी कर दिया है, तो वह हैरान रह गए। इसके बाद वह तुरंत ग्वालियर से अपने गांव के लिए निकल पड़े।
शांति पाठ के बीच घर पहुंचे तो सभी रह गए दंग
जब कमल सिंह घर पहुंचे, उस समय उनके नाम का शांति पाठ चल रहा था। जैसे ही परिवार और गांव के लोगों ने उन्हें देखा, सभी चौंक गए। किसी को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। कुछ ही देर में पूरे गांव में यह खबर फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और कमल सिंह से पूरे मामले की जानकारी ली। बताया गया कि कमल सिंह पिछले करीब डेढ़ साल से घर से बाहर रहकर मजदूरी कर रहे थे। पहले वह पंजाब में काम करते थे और बाद में ग्वालियर में प्लंबर का काम करने लगे थे।
अब पुलिस पता लगा रही है कि वह शव आखिर किसका था
कमल सिंह के जिंदा लौटने के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह आखिर किस व्यक्ति का था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि शव की पहचान में इतनी बड़ी गलती कैसे हुई। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अज्ञात शव की सही पहचान करने की कोशिश की जाएगी और मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।
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