West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान सामने आई अनियमितताओं ने चुनावी माहौल को गर्मा दिया है। राज्य के डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के कुल 15 बूथों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है। चुनाव आयोग ने यह फैसला तब लिया जब 29 अप्रैल को हुई वोटिंग के दौरान कई शिकायतें सामने आईं, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में छेड़छाड़ और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप शामिल थे। अधिकारियों की रिपोर्ट और जांच के आधार पर इन बूथों पर हुए मतदान को रद्द कर दिया गया और नए सिरे से मतदान कराने का आदेश जारी किया गया। यह कदम चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग
दोबारा मतदान की प्रक्रिया 2 मई को सुबह 7 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे यह साफ है कि लोग अपने वोट के अधिकार को लेकर गंभीर हैं। प्रशासन ने इन बूथों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो सके। आयोग ने स्थानीय स्तर पर मुनादी (ढोल बजाकर घोषणा) कराने और सभी उम्मीदवारों को लिखित सूचना देने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि हर मतदाता तक री-पोलिंग की जानकारी पहुंच सके। मगराहाट पश्चिम के 11 और डायमंड हार्बर के 4 बूथ इस प्रक्रिया में शामिल हैं, जहां अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।
बूथों पर री-पोलिंग की मांग
री-पोलिंग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मगराहाट पश्चिम में जो हुआ, उसके बाद यह जरूरी कदम था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि डायमंड हार्बर और फाल्टा क्षेत्र के और भी कई बूथों पर दोबारा मतदान होना चाहिए था। उनका कहना है कि यह केवल प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन चुनाव की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए और कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार चल रही है।
4 मई को आएंगे नतीजे
राज्य में इस बार दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान हुआ था और कुल मतदान प्रतिशत 92.47% दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे अधिक माना जा रहा है। अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। मतगणना से पहले प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संभावित हिंसा को रोकने के लिए कई जगहों पर धारा लागू कर दी गई है। कोलकाता में मतगणना केंद्रों के आसपास भीड़ जुटने पर रोक लगा दी गई है। इस बीच कुछ राजनीतिक दलों ने मतगणना प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं, लेकिन चुनाव अधिकारियों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के तहत ही हो रही है। अब देखना होगा कि री-पोलिंग का अंतिम नतीजों पर कितना असर पड़ता है।
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