टीसीएस केस में नया मोड़! प्रेग्नेंसी का दावा, परिवार बोला- ‘निदा को फंसाया जा रहा’ आखिर सच क्या है?

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज Tata Consultancy Services (टीसीएस) से जुड़े कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में नाम आने के बाद से फरार चल रही 25 वर्षीय निदा खान फिलहाल मुंबई में बताई जा रही हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। इसी बीच उनके परिवार ने कई अहम दावे किए हैं, जिनसे केस और ज्यादा उलझ गया है। परिवार का कहना है कि निदा की तबीयत ठीक नहीं है और वह मानसिक दबाव में हैं। यही वजह है कि उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की अर्जी भी अदालत में दाखिल की है।

परिवार का दावा- “बेटी निर्दोष, गर्भवती होने के कारण परेशान”

निदा खान के माता-पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी बेटी निर्दोष है और उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। परिवार के अनुसार, निदा गर्भवती है और इस स्थिति में वह कानूनी दबाव और जांच का सामना करने की हालत में नहीं है। उनके वकील का कहना है कि निदा 2021 से कंपनी में काम कर रही हैं और उन्हें एचआर बताना भी गलत है, क्योंकि वह एक प्रोसेसिंग एसोसिएट के रूप में कार्यरत थीं। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि बिना पूरी जांच के उनका नाम सामने लाकर उनकी छवि खराब की जा रही है। फिलहाल अदालत में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई का इंतजार है।

कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप, SIT कर रही जांच

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब कंपनी की कुछ महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगाए। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उनकी शिकायतों को कंपनी के एचआर विभाग ने नजरअंदाज किया और उन्हें न्याय नहीं मिला। पुलिस ने इस मामले में एचआर मैनेजर समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और इसमें कौन-कौन शामिल है।

कंपनी ने दी सफाई, कहा- “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू”

इस मामले पर टीसीएस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। कंपनी ने साफ कहा है कि वह किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या जबरदस्ती को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करती। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, जिन कर्मचारियों के नाम जांच में सामने आए हैं, उन्हें फिलहाल निलंबित कर दिया गया है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कंपनी ने यह भी कहा कि वह पुलिस और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। फिलहाल यह मामला कई सवाल खड़े कर रहा है—क्या आरोप सही हैं या किसी को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है? इसका जवाब आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा।

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