हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ के नाम पर क्यों छिड़ा विवाद? साधु-संतों की मुहिम पर अब मुस्लिम संगठन ने दिया जवाब

हरिद्वार में इन दिनों वेज बिरयानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। शहर के कुछ साधु-संतों ने सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ियों और ठेलों पर लिखे “वेज बिरयानी” नाम का विरोध किया है। उनका कहना है कि इस खाने को वेज पुलाव कहा जाना चाहिए। इसी को लेकर उन्होंने कई जगहों पर अभियान चलाया और कुछ ठेलों पर वेज बिरयानी की जगह वेज पुलाव के स्टिकर भी लगाए। इसके बाद यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

मुस्लिम संघर्ष समिति ने दिया जवाब

साधु-संतों के विरोध के बाद मुस्लिम संघर्ष समिति भी सामने आई है। समिति के अध्यक्ष सोहेल अख्तर ने कहा कि वेज बिरयानी और वेज पुलाव को लेकर विवाद खड़ा करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि नाम को लेकर लोगों को भ्रमित करने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, किसी खाने का नाम बदलने से समाज या लोगों की भावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने सभी से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की।

साधु-संतों ने बताई अपनी वजह

अखंड परशुराम अखाड़े से जुड़े साधु-संतों का कहना है कि हरिद्वार एक धार्मिक शहर है और यहां की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान होना चाहिए। उनका मानना है कि कई जगहों पर वेज पुलाव को वेज बिरयानी के नाम से बेचा जा रहा है। इसलिए दुकानदारों को सही नाम लिखना चाहिए। साधु-संतों ने कहा कि आने वाले समय में हरिद्वार में बड़े धार्मिक आयोजन होने हैं, इसलिए शहर की धार्मिक पहचान को बनाए रखना जरूरी है।

शहर में भाईचारा बनाए रखने की अपील

इस पूरे विवाद के बीच दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने की बात कही है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि ऐसे मामलों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। हरिद्वार लंबे समय से आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द के लिए जाना जाता है। ऐसे में लोग चाहते हैं कि यह विवाद ज्यादा न बढ़े और शहर का शांत माहौल बना रहे।

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