Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में चार मंजिला PG इमारत गिरने से हड़कंप मच गया। हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ, जिसके बाद मौके पर धूल और धुएं का गुबार छा गया। बताया जा रहा है कि इमारत में कई छात्र रहते थे और कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
‘भूकंप जैसी तेज आवाज आई और सब भागने लगे’
घटना के समय पास में मौजूद एक दुकानदार ने बताया कि वह अपनी दुकान में बैठा था, तभी अचानक बहुत तेज गड़गड़ाहट सुनाई दी। आवाज इतनी डरावनी थी कि आसपास मौजूद लोग घबराकर बाहर निकल आए। बाहर पहुंचने पर सामने का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया। चार मंजिला इमारत पूरी तरह ढह चुकी थी और चारों ओर धूल का गुबार था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ ही देर बाद मलबे के अंदर से लोगों के मदद के लिए पुकारने की आवाजें सुनाई देने लगीं।
मलबे के नीचे से आ रही थीं मदद की आवाजें
चश्मदीदों के अनुसार, मलबे में फंसे कुछ लोग मदद के लिए आवाज लगा रहे थे। आसपास मौजूद लोगों ने अंदर से ‘हमें बचाओ’ जैसी आवाजें सुनने का दावा किया। शुरुआती जानकारी में कम से कम तीन लोगों के मलबे में दबे होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की भी जानकारी है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। चार लोगों को एम्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जबकि एक घायल को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, राहत अभियान पूरा होने तक फंसे लोगों की संख्या को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
मालिक के खिलाफ FIR, रेस्क्यू पर टिकी नजर
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग मालिक आनंद बंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, वह गुरुग्राम का रहने वाला है। फिलहाल बचावकर्मी भारी मलबे को सावधानी से हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। राहत टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे के भीतर तक सुरक्षित पहुंचना है। इस घटना ने PG इमारतों की सुरक्षा और निर्माण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे की असली वजह क्या थी और इमारत में कितने लोग मौजूद थे, इसकी तस्वीर रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने और जांच आगे बढ़ने के बाद ही साफ होगी।
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